देहरादून, 31 मार्च (वेब वार्ता)। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। इस वर्ष बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। नियामक आयोग ने टैरिफ को यथावत रखने का निर्णय लिया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
यह जानकारी आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस बार उपभोक्ताओं को राहत देने को प्राथमिकता दी गई है।
18.50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज
गौरतलब है कि ऊर्जा निगमों ने बिजली दरों में वृद्धि की मांग की थी। यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल ने संयुक्त रूप से नियामक आयोग के समक्ष 18.50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि आयोग ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया।
प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को मिलेगी छूट
आयोग ने कुछ उपभोक्ता श्रेणियों में बदलाव करते हुए प्रीपेड मीटर योजना को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रीपेड मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 4 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी, जबकि अन्य उपभोक्ताओं को 3 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।
नुकसान वाले फीडर की होगी पहचान
इसके साथ ही आयोग ने यूपीसीएल को निर्देश दिया है कि वह सबसे अधिक हानि वाले 10 फीडरों की पहचान के लिए एक समिति गठित करे। इसका उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और नुकसान को कम करना है।
स्पष्ट है कि नियामक आयोग के इस फैसले से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, वहीं ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।



