भोपाल, 30 मार्च (वेब वार्ता)। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही राजधानी में नकली किताबों के कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासनिक टीम ने एमपी नगर स्थित एक प्रमुख पुस्तक दुकान पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में कथित नकली किताबें जब्त की हैं।
यह कार्रवाई एलके खरे के नेतृत्व में की गई, जिसमें दुकान के भीतर और बाहर लगे स्टॉलों से संदिग्ध किताबों का भारी स्टॉक बरामद हुआ। इन पुस्तकों पर एक प्रकाशन का लेबल लगा था, जिसे अधिकारी संदेहास्पद मान रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई किताबें दिखने में पूरी तरह असली जैसी थीं, जिससे आम अभिभावकों के लिए असली और नकली में अंतर करना बेहद कठिन हो रहा था। जांच के दौरान एक विक्रेता को इन किताबों को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर बेचते हुए पकड़ा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि कक्षा 1 से 12 तक के विभिन्न विषयों—हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत—की कथित नकली किताबें बेची जा रही थीं। इसके अलावा कुछ निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की भी संदिग्ध प्रतियां दुकान में उपलब्ध थीं।
कार्रवाई के बाद पूरी रिपोर्ट कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंप दी गई है। प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है और पूरे आपूर्ति तंत्र की जांच शुरू कर दी गई है।
छापेमारी के दौरान दुकान में भीड़ के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पाई गई। अग्निशमन से जुड़े पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसे अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही माना है।
प्रशासन का कहना है कि नए सत्र में किताबों की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर ऐसे अवैध रैकेट सक्रिय हो जाते हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे केवल प्रमाणित विक्रेताओं से ही पुस्तकें खरीदें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।



