स्मार्टफोन से काम होगा आसान और समय पर मिलेगा रियल टाइम डाटा : योगी आदित्यनाथ
लखनऊ, 30 मार्च (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने प्रदेशभर की 69,794 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए, जिससे उनके कार्यों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र भी वितरित किए और आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण से जुड़े कार्यक्रमों की आधारशिला हैं और उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बच्चा सुपोषित और माँ स्वस्थ होगी तो ‘साक्षर भारत-सशक्त भारत’ बनने से कोई नहीं रोक सकता।
सुपोषित, साक्षर, सशक्त भारत की निर्माण यात्रा को गति देते हुए आज लखनऊ में 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों/मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को 2 लाख से अधिक ग्रोथ… pic.twitter.com/JRc8EwKqrk
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 30, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्मार्टफोन मिलने से कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों का विवरण अद्यतन करने, योजनाओं की निगरानी करने और सेवाओं को समय पर पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे कार्यों में पारदर्शिता आएगी और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से अब आंगनबाड़ी केंद्रों का कामकाज त्वरित रूप से अद्यतन किया जा सकेगा, जिससे प्रदेश की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और प्रत्येक केंद्र को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
आंगनवाड़ी केंद्र अब स्मार्ट केंद्र भी बनेगा… pic.twitter.com/jn5PM3zVmF
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कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की बेहतर निगरानी के लिए बड़ी संख्या में उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 1.33 लाख से अधिक ऊंचाई मापने के यंत्र, 10,553 शिशु माप यंत्र और 58 हजार से अधिक वजन मापने की मशीनें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे कार्य पहले भी किए जा सकते थे, लेकिन उस समय इस दिशा में आवश्यक ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों की समस्याओं को समझकर ही उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और बाल विकास योजनाओं को नई गति प्राप्त होगी।



