-लक्ष्मीकांत पाठक
हरदोई, (वेब वार्ता)। जनपद में निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कॉपी, किताब और स्कूल ड्रेस के नाम पर कथित मनमानी वसूली को लेकर समाजसेवी कर्ण सिंह राणा ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कर्ण सिंह राणा ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही अध्ययन सामग्री और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि इन दुकानों पर सामग्री बाजार मूल्य से काफी अधिक कीमत पर बेची जा रही है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि इसमें कमीशनखोरी का एक संगठित तंत्र सक्रिय हो सकता है।
समाजसेवी ने यह भी आरोप लगाया कि “अनिवार्य किट”, “अतिरिक्त गतिविधि शुल्क” और “ड्रेस अपडेट” जैसे शीर्षकों के नाम पर अभिभावकों से अतिरिक्त धनराशि वसूली जा रही है, जिसका स्पष्ट आधार विद्यालय प्रबंधन की ओर से प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
इस मनमानी वसूली के चलते मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कई अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि जनपद के सभी निजी विद्यालयों की फीस संरचना की पारदर्शी जांच कराई जाए और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर सख्त रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।
इसके अतिरिक्त, अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक प्रभावी और पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।
शिक्षा व्यवस्था की गरिमा और अभिभावकों के हितों की रक्षा को लेकर उठी यह आवाज अब प्रशासनिक कार्रवाई की ओर देख रही है।



