मुंबई, 29 मार्च (वेब वार्ता)। देश के दिग्गज उद्योगपति और रेमंड समूह के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके परिवार ने इस खबर की पुष्टि की है। कंपनी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार रविवार को मुंबई में किया जाएगा।
विजयपत सिंघानिया ने वर्ष 1980 से रेमंड समूह की कमान संभाली और करीब दो दशकों तक कंपनी का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में रेमंड देश के प्रमुख वस्त्र ब्रांड्स में शामिल हुआ और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की। उन्होंने बदलते आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए समय से पहले कंपनी को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया, जिससे उदारीकरण के बाद भी कंपनी मजबूती से आगे बढ़ती रही।
साल 2015 में उन्होंने रेमंड समूह में अपनी पूरी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने बेटे गौतम सिंघानिया को हस्तांतरित कर दी थी। इसके बाद से कंपनी की जिम्मेदारी पूरी तरह गौतम सिंघानिया के हाथों में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विजयपत सिंघानिया अपने पीछे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं। हालांकि उन्होंने अपने जीवनकाल में ही अपने व्यवसाय की बड़ी हिस्सेदारी अपने बेटे को सौंप दी थी। कुछ वर्ष पहले पिता-पुत्र के बीच संपत्ति और कंपनी को लेकर विवाद भी सामने आया था, जिसे बाद में आपसी सहमति से सुलझा लिया गया।
विजयपत सिंघानिया को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वे न केवल सफल उद्योगपति थे, बल्कि एक कुशल पायलट और रोमांचप्रिय व्यक्तित्व के धनी भी थे। वर्ष 2005 में उन्होंने हॉट एयर बैलून से लगभग 69 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जबकि 1988 में माइक्रोलाइट विमान से लंदन से नई दिल्ली तक अकेले उड़ान भरकर भी उन्होंने कीर्तिमान स्थापित किया था।
उनका निधन भारतीय उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने नेतृत्व, दूरदर्शिता और साहसिक उपलब्धियों के जरिए देश और दुनिया में एक अलग पहचान बनाई।



