बलरामपुर, 29 मार्च (कमर खान)। जिले के गैसड़ी और पचपेड़वा क्षेत्रों में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित बहू-बेटी सम्मेलनों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, जहां उन्हें सामाजिक कुरीतियों से बचाव और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
गैसड़ी क्षेत्र के ग्राम खदगौरा में आयोजित सम्मेलन पुलिस प्रशासन के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस दौरान मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें कन्या सुमंगला योजना, वृद्धा पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रमुख रहीं। साथ ही महिला अपराध, घरेलू हिंसा और लैंगिक उत्पीड़न से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। महिलाओं को ओटीपी साझा न करने, लकी ड्रा और बैंकिंग धोखाधड़ी से सावधान रहने तथा संदिग्ध कॉल से बचने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं और सहायता के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।
वहीं पचपेड़वा क्षेत्र के ग्राम हरखड़ी में आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन में दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि दहेज लेना-देना दंडनीय अपराध है तथा बाल विवाह कानूनन प्रतिबंधित है। इन कुरीतियों के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों से महिलाओं को अवगत कराया गया।
सम्मेलन में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान पंपलेट वितरित किए गए और उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याएं भी पूछी गईं, हालांकि किसी ने कोई विशेष शिकायत दर्ज नहीं कराई।
अधिकारियों ने महिलाओं को सलाह दी कि वे किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करें और थाना स्तर पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्र तथा महिला साइबर सेल से संपर्क करें। इस प्रकार के आयोजनों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।



