वेब वार्ता | नोएडा
प्रधानमंत्री मोदी ने टर्मिनल का निरीक्षण भी किया। इस मौके पर सीएम योगी ने फिरोजाबाद में बनी कांच की गौतम बुद्ध की प्रतिमा प्रधानमंत्री को स्मृतिचिन्ह के रूप में भेंट की। समारोह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने भी संबोधित किया। इस हवाई अड्डो को लेकर आसपास के इलाकों में रहने वाले हर वर्ग के लोगों में खुशी की लहर है और लोगों में इससे रोजगार और सुविधाओं की उम्मीद जगी है।
‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों के लिए…’
इस मौके पर पीएम मोदी ने जनता को संबोधित कर कहा, “नोएडा का ये एयरपोर्ट, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर, फरीदाबाद, इस पूरे क्षेत्र को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। हिन्दुस्तान को और उत्तर प्रदेश को तो होना ही होना है। ये एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों, यहां के नौजवानों के लिए, अनेक नए अवसर लेकर आने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, साथ ही, ये विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा।”
‘भारत के नए मिजाज का प्रतीक’
उन्होंने कहा, “आज का ये कार्यक्रम, भारत के नए मिजाज का प्रतीक है। आप सभी देख रहे हैं कि आज पूरा विश्व कितना चिंतित है। पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध चल रहा है। युद्ध की वजह से कई सारे देशों में खाने-पीने के सामान, पेट्रोल-डीजल-गैस, खाद, ऐसी कई जरूरी चीजों का चारो तरफ संकट पैदा हो गया है।”
पीएम मोदी ने कहा, “हर देश इस संकट का सामना करने के लिए कुछ न कुछ कोशिश कर रहा है, प्रयास कर रहा है। और हमारा भारत भी इस संकट का पूरी शक्ति से मुकाबला कर रहा है, देशवासियों की ताकत के भरोसे कर रहा है। भारत तो बहुत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस, ये जहां युद्ध चल रह है ना, इस युद्ध से प्रभावित इलाके से मंगाता रहा है। इसलिए सरकार हर वो कदम उठा रही है, जिससे सामान्य परिवारों पर, हमारे किसान भाई-बहनों पर, इस संकट का बोझ न पड़े।”
‘डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति की मिसाल जेवर एयरपोर्ट’
जेवर का ये एयरपोर्ट, डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का भी बहुत अच्छा उदाहरण है। एयरपोर्ट के अलावा ये क्षेत्र देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर्स का भी हब बन रहा है। ये फ्रेट कॉरिडोर मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई स्पेशल पटरियां हैं। इससे उत्तर भारत की बंगाल और गुजरात के समंदर से कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है।
जिस नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था…अब वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है।
100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने का प्लान
भारत का एविएशन सेक्टर, बहुत तेज से गति और विकास कर रहा है। जैसे-जैसे भारत में नए-नए एयरपोर्ट बन रहे हैं, वैसे-वैसे नए हवाई जहाजों की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। इसलिए देश की अलग-अलग एयरलाइन्स ने सैकड़ों नए जहाजों के ऑर्डर दिए हैं। ये जो नई सुविधाएं हैं, नए जहाज आ रहे हैं, इनको उड़ाने वाले, इनमें सर्विस देने वाले, मेंटनेस से जुड़े, ऐसे हर काम के लिए बहुत बड़ी संख्या में वर्कफोर्स की जरूरत रहेगी। ये युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है।
हाल में ही केंद्र सरकार ने उड़ान योजना को और विस्तार दिया है। इसके लिए लगभग 29 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। आने वाले वर्षों में इसके तहत, छोटे-छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना है। यूपी को भी इससे बहुत अधिक लाभ होगा।
भारत विकसित होंगी MRO सुविधाएं
भारत के 85 एयरपोर्ट, 85 फीसदी हवाई जहाजों को आज भी मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) के लिए, इस काम के लिए विदेश भेजना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ठाना है कि MRO सेक्टर में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे। अब भारत में ही, बहुत बड़े पैमाने पर MRO सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आज यहां जेवर में भी MRO सुविधा का शिलान्यास हुआ है। ये सुविधा जब तैयार हो जाएगी, तो ये देश-विदेश के विमानों को सेवा देगी। इससे देश को कमाई भी होगी, हमारा पैसा भी देश में ही रहेगा, और युवाओं को अनेक रोजगार भी मिलेंगे।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की खासियत
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के निर्बाध जुड़ाव के साथ बहु-मॉडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
बयान के अनुसार हवाई अड्डे में एक बहु-मॉडल कार्गो हब भी शामिल है, जिसे प्रतिवर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है। बयान के अनुसार इस क्षमता को लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है। हवाई अड्डे की प्रारंभिक यात्री संचालन क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष होगी, जिसे सात करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है।
बयान में बताया गया कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन भारत के वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित यह हवाई अड्डा, देश के हवाई अड्डा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक है। ये दोनों हवाई अड्डे एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में सेवाएं देंगे, जिससे यात्रियों की बड़ी संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा, यात्री क्षमता में वृद्धि होगी और दिल्ली एनसीआर को वैश्विक विमानन केंद्रों में अग्रणी स्थान प्राप्त होगा।



