वेब वार्ता | मुंबई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में एक साथ कई मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पिछले 70 साल का इतिहास, शिक्षा व्यवस्था और छत्रपति शिवाजी महराज समेत अन्य कई मुद्दों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। फडणवीस ने कहा कि अगर पिछले 70 वर्षों में स्कूलों में इतिहास सही तरीके से पढ़ाया जाता, तो कोई मुस्लिम मुगल सम्राट औरंगजेब को नायक नहीं मानता।
सीएम फडणवीस ने इस दौरान छत्रपति शिवाजी महराज की तुलना मैसूर के शासक टीपू सुलतान से करने पर भी सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी और टीपू सुलतना की तुलना करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि टीपू सुलतान ने ब्रिटिश से लड़ाई अपने राज्य को बचाने के लिए की, लेकिन उन्होंने 75,000 हिंदुओं और 33,000 नायरों को मारा। ऐसे में उनकी तुलना शिवाजी महाराज से नहीं की जा सकती।
हिंदी भाषा को लेकर भी बोले फडणवीस
फडणवीस ने हिंदी को कक्षा एक से पांच तक तीसरी भाषा बनाने के विरोध पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह फैसला तब की महा विकास अघाड़ी सरकार ने लिया था। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि विरोधियों ने हमें इसके लिए दोषी ठहराया, लेकिन मुझे खुशी है कि इससे दो भाई (उद्धव और राज ठाकरे) एक साथ आए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने साफ किया कि हम हमेशा उन लोगों का विरोध करेंगे जो आक्रमणकारियों को हीरो के रूप में दिखाते हैं। कुल मिलाकर, फडणवीस ने इतिहास की सही शिक्षा, शिवाजी महाराज और टीपू सुलतान की तुलना, और शिक्षा नीति को लेकर अपना स्पष्ट रुख रखा।



