वाशिंगटन, डेस्क | वेब वार्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने कड़ा जवाब दिया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा हालात में ईरान की टीम को फीफा विश्व कप में हिस्सा नहीं लेना चाहिए क्योंकि खिलाड़ियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस पर ईरान की टीम ने साफ कहा कि कोई भी देश उन्हें विश्व कप खेलने से नहीं रोक सकता। टीम का कहना है कि विश्व कप किसी देश द्वारा नहीं बल्कि फीफा द्वारा आयोजित किया जाता है और इसमें भाग लेने का अधिकार केवल खेल के नियमों के आधार पर तय होता है।
ट्रंप के बयान से शुरू हुआ विवाद
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| बयान देने वाले | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप |
| मुख्य टिप्पणी | ईरान की टीम की सुरक्षा विश्व कप में खतरे में हो सकती है |
| प्लेटफॉर्म | ट्रुथ सोशल |
| पृष्ठभूमि | पश्चिम एशिया में बढ़ता सैन्य तनाव |
ट्रंप ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा था कि यदि ईरान की टीम उत्तरी अमेरिका में होने वाले आगामी फीफा विश्व कप में हिस्सा लेती है तो खिलाड़ियों की जिंदगी और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने लिखा कि टीम का स्वागत है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उनका वहां होना उचित नहीं होगा।
ईरान टीम का सोशल मीडिया पर जवाब
ट्रंप के बयान के बाद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी देश के पास उन्हें विश्व कप से बाहर करने का अधिकार नहीं है। टीम ने कहा कि विश्व कप एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है और इसकी गवर्निंग बॉडी फीफा है, न कि कोई एक देश।
- विश्व कप का आयोजन फीफा करता है
- कोई भी देश किसी टीम को रोक नहीं सकता
- मेजबान देश की जिम्मेदारी सुरक्षा सुनिश्चित करना है
ईरान की टीम ने यह भी कहा कि यदि मेजबान देश सभी टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो उसे अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। टीम ने अपने खिलाड़ियों को “ईरान के बहादुर बेटे” बताते हुए कहा कि वे विश्व कप में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
विश्व कप के लिए पहले ही कर चुका है क्वालिफाई
| टूर्नामेंट | स्थान | तिथि |
|---|---|---|
| फीफा विश्व कप 2026 | अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको | 11 जून – 19 जुलाई 2026 |
| ईरान का प्रदर्शन | एशियाई क्वालिफायर ग्रुप A में शीर्ष | लगातार चौथा विश्व कप |
ईरान ने एशियन क्वालिफाइंग के तीसरे दौर में ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर लगातार चौथे विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम को टूर्नामेंट के दौरान अमेरिका में तीन मैच खेलने हैं।
फीफा अध्यक्ष ने ट्रंप से की मुलाकात
इस विवाद के बीच फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा था कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि 2026 विश्व कप में भाग लेने वाली सभी टीमों, जिसमें ईरान भी शामिल है, का स्वागत किया जाएगा।
विश्व कप 2026 पहली बार तीन देशों—अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको—की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा, जिससे यह टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा फुटबॉल आयोजन माना जा रहा है।
निष्कर्ष
ट्रंप के बयान और ईरान की टीम के पलटवार ने खेल और राजनीति के बीच चल रहे तनाव को फिर उजागर कर दिया है। हालांकि अंतिम निर्णय फीफा के नियमों और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा। फिलहाल ईरान की टीम स्पष्ट कर चुकी है कि वह विश्व कप में हिस्सा लेने के अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगी।
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