Chhattisgarh Assembly Budget Session: वन अधिकार पट्टा और औद्योगिक नीति के मुद्दों पर सदन में चर्चा

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रायपुर, राज्य डेस्क | वेब वार्ता

Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान रविवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। रायपुर में चल रहे Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान विधायकों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से वन अधिकार पट्टा वितरण, औद्योगिक नीति के पालन और श्रम संबंधी विषयों को सदन के सामने रखा। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही पक्षों के सदस्यों ने इन मुद्दों पर अपनी राय रखी, जिससे सदन में गंभीर चर्चा का माहौल बना रहा।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • कार्यवाही: Chhattisgarh Assembly Budget Session में चर्चा
  • मुद्दा 1: वन अधिकार पट्टा वितरण का मामला
  • मुद्दा 2: औद्योगिक नीति के अनुपालन पर सवाल
  • चर्चा: उपमुख्यमंत्री अरुण साव से जुड़े विभागों की अनुदान मांगें
  • सदस्य: सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने रखे विचार

वन अधिकार पट्टा वितरण का मुद्दा सदन में उठा

Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान सत्ता पक्ष की विधायक भावना बोहरा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से राज्य में वन अधिकार पट्टों के वितरण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई पात्र लोगों को अब तक वन भूमि अधिकार पट्टा नहीं मिल पाया है, जिससे आदिवासी और वनवासी समुदायों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस पर जवाब देते हुए आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में वन भूमि अधिकार पट्टों के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक चार लाख से अधिक आवेदन खारिज किए जा चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन आवेदनों में पात्रता पाई जाएगी, उन्हें वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पट्टा प्रदान किया जाएगा।

क्या है वन अधिकार अधिनियम?वन अधिकार अधिनियम का उद्देश्य वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और पारंपरिक वनवासियों को भूमि और संसाधनों पर अधिकार प्रदान करना है। इसके तहत पात्र लोगों को वन भूमि पर अधिकार पट्टा दिया जाता है, जिससे वे कानूनी रूप से उस भूमि का उपयोग कर सकें।

औद्योगिक नीति के अनुपालन का मुद्दा

Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से राज्य की फैक्ट्रियों में औद्योगिक नीति के अनुपालन न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर औद्योगिक नीति के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों और स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इस पर जवाब देते हुए श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक नीति का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी फैक्ट्री में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब आगे क्या होगा?सरकार का कहना है कि वन अधिकार पट्टा और औद्योगिक नीति से जुड़े मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा।

अनुदान मांगों पर भी हुई चर्चा

आज के Chhattisgarh Assembly Budget Session में उपमुख्यमंत्री अरुण साव से संबंधित विभागों की अनुदान मांगों पर भी चर्चा की गई। इस चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे और विभिन्न मुद्दों पर सुझाव दिए।

सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों ने विकास योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार से जवाब भी मांगा।

इस प्रकार Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान आज सदन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिससे राज्य की नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे सामने आए।

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