रायपुर, राज्य डेस्क | वेब वार्ता
Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में चूहों द्वारा धान नष्ट होने का मामला जोरदार तरीके से उठा। रायपुर में चल रहे Chhattisgarh Assembly Budget Session में विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि धान खरीदी समितियों में चूहों द्वारा धान नष्ट होने से प्रदेश को लगभग 4600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जो सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम है। इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस और हंगामा भी देखने को मिला।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)
- मुद्दा: Chhattisgarh Assembly Budget Session में धान नष्ट होने का मामला
- आरोप: चूहों द्वारा धान खराब होने से 4600 करोड़ का नुकसान
- नेता प्रतिपक्ष: डॉ. चरणदास महंत ने उठाया मामला
- विपक्ष का विरोध: नारेबाजी और गर्भगृह तक पहुंचा विपक्ष
- अन्य मुद्दा: व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस और ओवरलोडिंग
धान नष्ट होने पर विपक्ष का सरकार पर हमला
Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि प्रदेश की धान खरीदी समितियों में रखे धान को सुरक्षित रखने में सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चूहों द्वारा बड़ी मात्रा में धान खराब हो गया, जिससे राज्य को लगभग चार हजार छह सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि धान के भंडारण और सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत होती, तो इतनी बड़ी क्षति नहीं होती। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम बताया।
क्या है पूरा मामला?छत्तीसगढ़ में धान खरीदी समितियों में रखे धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। विपक्ष का आरोप है कि भंडारण व्यवस्था की कमी और कुप्रबंधन के कारण हजारों टन धान खराब हो गया, जिससे राज्य को लगभग 4600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसी मुद्दे को लेकर Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया।
स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर सदन में हंगामा
जब आसंदी ने विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया, तो विपक्षी सदस्य नाराज हो गए और सदन में जोरदार नारेबाजी करने लगे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंच गए। विधानसभा के नियमों के अनुसार ऐसा करने पर वे स्वमेव निलंबित हो गए।
हालांकि बाद में सभापति ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए कांग्रेस विधायकों का निलंबन समाप्त कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।
व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस का मुद्दा भी उठा
Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस का मुद्दा भी उठा। विधायक ओंकार साहू ने परिवहन विभाग से सवाल करते हुए पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने वाहनों को बिना परीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि ओवरलोडिंग और बिना परमिट वाहन संचालन के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। इस पर जवाब देते हुए परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसी भी वाहन को बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है।
कार्रवाई के आंकड़े
- तीन वर्षों में 77,000 से अधिक प्रकरण दर्ज
- ओवरलोडिंग और बिना परमिट संचालन पर कार्रवाई
- 42 करोड़ 79 लाख रुपये से अधिक की वसूली
भूपेश बघेल और अजय चंद्राकर के बीच तीखी बहस
परिवहन मंत्री के जवाब से असंतुष्ट पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यदि सही जानकारी नहीं दी गई तो विपक्ष सदन का बहिष्कार करेगा। इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और भूपेश बघेल के बीच तीखी बहस भी हुई।
बहस के बाद नाराज विपक्षी सदस्यों ने सदन से बर्हिगमन कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के कारण Chhattisgarh Assembly Budget Session के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।
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