CBSE Class 12 Maths QR Code Controversy: गणित प्रश्नपत्र में QR कोड से खुला YouTube वीडियो, बोर्ड ने कहा – पेपर असली, सुरक्षा में कोई चूक नहीं

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नई दिल्ली, एजुकेशन डेस्क | वेब वार्ता

CBSE Maths QR Code Controversy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा की गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र में QR कोड को लेकर उठे विवाद पर अपनी सफाई दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं और उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं हुई है।

दरअसल परीक्षा उपरांत कुछ प्रश्नपत्र सेटों में दिए गए QR कोड को स्कैन करने पर एक YouTube वीडियो खुल गया था, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम और चिंता पैदा हो गई थी। CBSE ने इसे प्रिंटिंग प्रक्रिया में हुई मानवीय त्रुटि बताया है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • CBSE 12वीं गणित प्रश्नपत्र के QR कोड से खुला यूट्यूब वीडियो
  • CBSE Class 12 Maths QR Code Controversy पर बोर्ड की सफाई
  • बोर्ड ने कहा – पेपर पूरी तरह असली, सुरक्षा में कोई चूक नहीं
  • प्रिंटिंग प्रक्रिया की मानवीय त्रुटि बताया गया कारण

क्या हुआ था परीक्षा के दौरान?

10 मार्च 2026 को आयोजित CBSE कक्षा 12 गणित परीक्षा में देशभर के लाखों छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा के कुछ प्रश्नपत्र सेटों, विशेष रूप से सेट-3, में QR कोड दिया गया था।

जब कुछ छात्रों ने इसे स्कैन किया तो यह एक पुराने YouTube वीडियो से लिंक हो गया। हालांकि वीडियो में परीक्षा से संबंधित कोई सामग्री नहीं थी, लेकिन इससे छात्रों और अभिभावकों में संदेह पैदा हो गया कि कहीं प्रश्नपत्र में गड़बड़ी तो नहीं हुई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला


CBSE Maths QR Code Controversy उस समय तेजी से फैल गई जब छात्रों ने QR कोड स्कैन के स्क्रीनशॉट और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और लखनऊ जैसे कई शहरों से छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सामने आईं। कुछ स्थानों पर अभिभावकों ने परीक्षा केंद्रों के बाहर विरोध भी जताया।

📌 CBSE की आधिकारिक सफाई

  • प्रश्नपत्र पूरी तरह वास्तविक और सुरक्षित
  • QR कोड प्रिंटिंग प्रक्रिया की मानवीय त्रुटि से गलत लिंक हुआ
  • केवल कुछ प्रिंट्स में सेट-3 में समस्या
  • छात्रों के परिणाम या अंक पर कोई प्रभाव नहीं

CBSE ने क्या कहा?

CBSE के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन डॉ. सी.के. सक्सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रश्नपत्र की सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि QR कोड मूल रूप से परीक्षा के बाद समाधान गाइड के लिए बनाए गए थे, लेकिन प्रिंटिंग के दौरान एक पुराने टेम्पलेट का लिंक जुड़ गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि प्रश्नपत्र के लीक होने या किसी प्रकार की हेराफेरी का कोई प्रमाण नहीं है।

प्रिंटिंग एजेंसी पर कार्रवाई

CBSE ने बताया कि इस त्रुटि के लिए जिम्मेदार प्रिंटिंग एजेंसी पर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो इसके लिए प्रिंटिंग प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।

बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि आगामी परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों में QR कोड का उपयोग नहीं किया जाएगा

🔎 भविष्य के लिए CBSE की योजना

  • आगामी परीक्षाओं में QR कोड हटाए जाएंगे
  • प्रिंटिंग प्रक्रिया में AI आधारित जांच प्रणाली लागू होगी
  • परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था
  • छात्रों के लिए हेल्पलाइन और काउंसलिंग सुविधा

छात्रों और अभिभावकों की चिंता

घटना के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर चिंता व्यक्त की। कुछ अभिभावकों ने कहा कि QR कोड से वीडियो खुलने के बाद छात्रों में भ्रम पैदा हो गया और परीक्षा के दौरान तनाव बढ़ गया।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना भले ही मानवीय त्रुटि हो, लेकिन बड़े राष्ट्रीय बोर्डों को डिजिटल सुरक्षा और प्रिंटिंग प्रक्रिया पर अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए।

CBSE ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी के लिए बोर्ड की हेल्पलाइन 1800-11-8004 से संपर्क करें।

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