नई दिल्ली, अन्तर्राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Iran Israel War Day 11: ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद शुरू हुई जंग अब 11वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इस बीच ईरान की सेना ने खाड़ी क्षेत्र में कई देशों और इज़राइल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। इन हमलों के कारण पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
रिपोर्टों के अनुसार Iran Israel War Day 11 के दौरान ईरान ने सऊदी अरब, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इज़राइल की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
- ईरान पर हमलों के बाद जंग का 11वां दिन
- Iran Israel War Day 11 में खाड़ी देशों और इज़राइल पर मिसाइल हमले
- तुर्किए की ओर दागी गई मिसाइल को नाटो रक्षा प्रणाली ने नष्ट किया
- तेहरान और अन्य शहरों में भारी हवाई हमलों की खबर
खाड़ी देशों को भी बनाया निशाना
Iran Israel War Day 11 के दौरान ईरान की सेना ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को भी निशाना बनाया। इनमें सऊदी अरब, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इन हमलों में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों को निशाना बनाने से यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
तुर्किए की ओर दागी गई मिसाइल नष्ट
रिपोर्टों के अनुसार नाटो सदस्य देश तुर्किए की ओर भी एक मिसाइल दागी गई। हालांकि नाटो की वायु-रक्षा प्रणाली ने उसे लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया।
बताया जा रहा है कि पिछले पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब तुर्किए की दिशा में मिसाइल दागी गई है।
- ईरान ने खाड़ी देशों और इज़राइल पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए
- तुर्किए की ओर दागी मिसाइल को नाटो रक्षा प्रणाली ने नष्ट किया
- तेहरान में कई जोरदार धमाकों की खबर
- इज़राइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए
तेहरान और इस्फहान में भारी हमले
इस बीच तेहरान में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसे 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद राजधानी पर सबसे भारी हवाई हमला माना जा रहा है। हालांकि ईरानी मीडिया ने अभी तक नुकसान और हताहतों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
इज़राइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के इस्फहान, तेहरान और दक्षिणी ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है।
ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
इज़राइली सेना के अनुसार उसने कई महत्वपूर्ण ढांचागत ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड का ड्रोन मुख्यालय भी शामिल बताया गया है।
दूसरी ओर ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर भी हमले किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार बहरीन के एक पेट्रोलियम कॉम्प्लेक्स को भी निशाना बनाया गया।
- पश्चिम एशिया में युद्ध से तेल आपूर्ति पर खतरा
- वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ा तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर गहरा पड़ सकता है। दुनिया की निगाहें अब पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात पर टिकी हुई हैं।







