नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता
दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा कथित दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मामले में निचली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अदालत के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन अंततः सत्य की ही जीत होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि उच्च न्यायालय में विस्तृत सुनवाई के बाद पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट रूप से सामने आएगी।
भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता
दिल्ली भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपितों को निचली सीबीआई अदालत द्वारा दिए गए डिस्चार्ज आदेश के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार करना न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब उच्च न्यायालय में विस्तृत और तार्किक बहस के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
इस पत्रकार सम्मेलन का संचालन भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने किया। उन्होंने भी कहा कि अदालत में चल रही प्रक्रिया से पूरे प्रकरण की वास्तविकता स्पष्ट होने की उम्मीद है।
निचली अदालत के फैसले पर उठे सवाल
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली भाजपा निचली सीबीआई अदालत का पूरा सम्मान करती है, लेकिन जिस तरह दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगाई है, उससे निचली अदालत के फैसले पर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना था कि कई वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों ने भी निचली अदालत के निर्णय में कुछ कमियों की ओर संकेत किया है।
मामले में उठाए गए प्रमुख प्रश्न
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| रंजन गोगोई समिति रिपोर्ट | रिपोर्ट को नजरअंदाज किए जाने का आरोप |
| फर्जी ईमेल प्रकरण | आरोपित जाकिर खान पर जनमत प्रभावित करने का आरोप |
| गोवा चुनाव हवाला मामला | विधानसभा चुनाव के दौरान कथित वित्तीय लेनदेन |
| जांच में कथित साक्ष्य | जांच में दस रुपये के नोट से जुड़ा उल्लेख सामने आने का दावा |
प्रवर्तन निदेशालय की जांच जारी रहने पर प्रतिक्रिया
सचदेवा ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से चल रही न्यायिक कार्यवाही को जारी रखने की अनुमति दिया जाना इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूती प्रदान करता है। उनके अनुसार इससे यह स्पष्ट होता है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच और सुनवाई आवश्यक है।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया
- निचली अदालत के डिस्चार्ज आदेश को चुनौती दी गई
- भाजपा ने कहा—विस्तृत सुनवाई में सामने आएगी सच्चाई
अन्य मामलों के उदाहरण भी दिए
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि किसी नेता का निचली अदालत से राहत मिलना असामान्य नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई मामलों में नेताओं को निचली अदालतों से राहत मिली, लेकिन बाद में उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान अलग निर्णय सामने आए। उन्होंने लालू प्रसाद यादव, ए. राजा और कनिमोझी जैसे नेताओं के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतिम निर्णय अक्सर उच्च न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होता है।
निष्कर्ष
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया का नया चरण शुरू हो गया है। आने वाले समय में अदालत में विस्तृत सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की गहन जांच होगी। राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका प्रभाव दिल्ली की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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