Delhi GPRA Redevelopment: दिल्ली की 7 सरकारी कॉलोनियों का पुनर्विकास, पीएम मोदी करेंगे 2,722 फ्लैटों का उद्घाटन

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नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता

Delhi GPRA Redevelopment: केंद्र सरकार दिल्ली की सात पुरानी सरकारी आवासीय कॉलोनियों के व्यापक पुनर्विकास की योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के तहत पुराने और जर्जर सरकारी क्वार्टरों की जगह आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस पुनर्विकास परियोजना को एक अभिनव स्व-वित्तपोषण मॉडल के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 मार्च को सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी में बने नए फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • दिल्ली की सात सरकारी कॉलोनियों का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है
  • पीएम मोदी 8 मार्च को 2,722 नए फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे
  • परियोजना में कुल 21,000 से अधिक आधुनिक फ्लैट बनाए जाएंगे
  • स्व-वित्तपोषण मॉडल से परियोजना पर सरकारी बजट का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा

Delhi GPRA Redevelopment परियोजना का दायरा

यह पुनर्विकास परियोजना दिल्ली की सात प्रमुख सरकारी कॉलोनियों—सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, नौरोजी नगर, कस्तूरबा नगर, त्यागराज नगर, श्रीनिवासपुरी और मोहम्मदपुर—को कवर करती है। इन कॉलोनियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 537 एकड़ है। इन क्षेत्रों में मौजूद कई सरकारी आवासीय क्वार्टर काफी पुराने हो चुके थे और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित हो गए थे। सरकारी आकलन के अनुसार इन मकानों में से लगभग 40 प्रतिशत आवास रहने योग्य नहीं रह गए थे

📌 क्या है पूरा मामला?

  • दिल्ली की सात पुरानी सरकारी कॉलोनियों का पुनर्विकास किया जा रहा है
  • पुराने क्वार्टरों की जगह आधुनिक बहुमंजिला आवास बनाए जाएंगे
  • परियोजना के तहत 21,000 से अधिक नए फ्लैट तैयार होंगे
  • प्रधानमंत्री मोदी 8 मार्च को नई आवासीय परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे

सरकारी कर्मचारियों के लिए बढ़ेगा आवास उपलब्धता

केंद्र सरकार को अपने कर्मचारियों के लिए 20,000 से अधिक सरकारी आवासों की कमी का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना के तहत पुराने कम ऊंचाई वाले मकानों को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। इन नई आवासीय परिसरों में बेहतर बुनियादी ढांचा, पार्किंग, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कुल मिलाकर इस परियोजना के तहत 21,000 से अधिक नए फ्लैट बनाए जाने की योजना है।

पीएम मोदी करेंगे नए फ्लैटों का उद्घाटन

इस परियोजना के पहले चरण के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 मार्च को सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी में बने 2,722 नए फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही 6,632 नए फ्लैटों की आधारशिला भी रखी जाएगी। यह परियोजना राजधानी में सरकारी आवास व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

🔎 अब आगे क्या होगा?

  • परियोजना के तहत विभिन्न चरणों में नए फ्लैटों का निर्माण जारी रहेगा
  • सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी
  • पुरानी कॉलोनियों को आधुनिक शहरी ढांचे में विकसित किया जाएगा
  • राजधानी में आवासीय बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा

स्व-वित्तपोषण मॉडल से होगा पुनर्विकास

इस परियोजना की सबसे खास बात इसका आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल है। सरकार ने करदाताओं के धन का उपयोग करने के बजाय कुल भूमि के लगभग 12.9 प्रतिशत (करीब 69.41 एकड़) हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय उपयोग के लिए विकसित कर उसका मुद्रीकरण करने की योजना बनाई है। इस सीमित भूमि के मुद्रीकरण से 35,100 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है, जिससे लगभग 32,800 करोड़ रुपये की पुनर्विकास लागत पूरी हो जाएगी। इस प्रकार यह पूरी परियोजना सरकारी बजट पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना पूरी की जा सकेगी और सरकार को लगभग 2,300 करोड़ रुपये का अधिशेष भी प्राप्त हो सकता है।

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