हुबली, स्पोर्ट्स डेस्क | वेब वार्ता
जम्मू-कश्मीर रणजी चैंपियन 2026 बनकर इतिहास रच दिया है। ड्रॉ पर समाप्त हुए फाइनल मुकाबले में पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। हुबली में खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल में टीम ने दूसरी पारी में 342/4 घोषित कर मैच को सुरक्षित दिशा में पहुंचाया, जहां कामरान इक़बाल (160*) और साहिल लूथरा (101*) के नाबाद शतकों ने जीत की मजबूत नींव रखी।
मैच का स्कोरकार्ड बताता है कि जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए, जबकि कर्नाटक की टीम 293 रन पर सिमट गई। पहली पारी की निर्णायक बढ़त ने ही अंततः जम्मू-कश्मीर रणजी चैंपियन 2026 बनने का रास्ता साफ किया।
फाइनल मैच का पूरा स्कोर
| टीम | स्कोर | मुख्य प्रदर्शन |
|---|---|---|
| जम्मू-कश्मीर | 584 & 342/4 घोषित | इक़बाल 160*, लूथरा 101* |
| कर्नाटक | 293 | मयंक 160, नबी 5/54 |
| परिणाम | ड्रॉ (पहली पारी की बढ़त से जम्मू-कश्मीर चैंपियन) | |
इक़बाल और लूथरा की ऐतिहासिक साझेदारी
पांचवें दिन जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने पूरी तरह नियंत्रण में खेल दिखाया। कामरान इक़बाल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना दूसरा शतक जड़ा, जबकि साहिल लूथरा ने अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक लगाया। दोनों ने लगभग चार घंटे तक बिना किसी दबाव के बल्लेबाज़ी करते हुए कर्नाटक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
लूथरा ने शतक पूरा करने के बाद पहले पुशअप कर जश्न मनाया और फिर शिखर धवन की शैली में जांघों पर हाथ मारकर उत्सव मनाया। यह पल दर्शकों के लिए यादगार बन गया।
मैदान बना उत्सव स्थल
हुबली का KSCA स्टेडियम किसी किले की तरह नजर आ रहा था। लगभग 7000 दर्शक अंतिम दिन स्टेडियम में मौजूद रहे, जबकि पूरे पांच दिनों में करीब 20,000 लोगों ने मैच देखा। ढोल-ड्रम और रंगों के साथ माहौल पूरी तरह त्योहार जैसा था।
दोपहर 2:11 बजे के आसपास दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और औपचारिक रूप से मैच ड्रॉ घोषित हुआ। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर रणजी चैंपियन 2026 बन गया। पूरी टीम मैदान में दौड़ती हुई आई, खिलाड़ियों ने गोला बनाकर जश्न मनाया और राज्य का झंडा लहराया।
कर्नाटक की निराशा और खेल भावना
कर्नाटक की टीम ने खेल भावना का परिचय देते हुए जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के जश्न के बाद उनसे हाथ मिलाया। मयंक अग्रवाल की 160 रन की पारी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी।
मैच के दौरान केएल राहुल की गेंदबाजी भी आकर्षण का केंद्र रही। एक दशक बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गेंदबाजी करते हुए राहुल लगभग अपना पहला विकेट लेने के करीब थे, लेकिन कैच छूट गया। दर्शकों ने राहुल को दोबारा गेंदबाजी पर लाने की मांग भी की।
आक़िब नबी बने सीजन के सितारे
पूरे सीजन में 60 विकेट लेने वाले आक़िब नबी फाइनल के बाद आकर्षण का केंद्र बने रहे। साथियों ने उन्हें कंधों पर बैठाकर मैदान का चक्कर लगाया। यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं बल्कि राज्य के क्रिकेट इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने के बावजूद दर्शकों की मौजूदगी और उत्साह ने इस मुकाबले को ऐतिहासिक बना दिया। कई मायनों में यह हुबली में खेला गया अब तक का सबसे बड़ा घरेलू मैच माना जा रहा है।
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