18 महीने बाद फिर चली अगरतला-कोलकाता मैत्री बस, ढाका मार्ग से दोबारा शुरू हुई सेवा

नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता

अगरतला-कोलकाता मैत्री बस सेवा 18 महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू हो गई है। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से ढाका होते हुए कोलकाता तक चलने वाली यह अंतरराष्ट्रीय बस सेवा गुरुवार सुबह दोबारा रवाना हुई। बांग्लादेश में अशांति के कारण पिछले डेढ़ वर्ष से स्थगित यह सेवा अब फिर पटरी पर लौट आई है, जिससे दोनों देशों के यात्रियों और व्यापारिक वर्ग को राहत मिली है।

इस बहुप्रतीक्षित पुनः संचालन के साथ अगरतला-कोलकाता मैत्री बस सेवा ने भारत और बांग्लादेश के बीच लोगों के संपर्क (people-to-people connectivity) को फिर मजबूती देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

पहली यात्रा में सीमित लेकिन उत्साहित यात्री

शुक्रवार दोपहर बस 15 यात्रियों को लेकर कोलकाता के मार्क्विस स्ट्रीट पहुंची। इसके बाद शनिवार तड़के सुबह 22 यात्रियों के साथ कोलकाता से अगरतला के लिए वापसी यात्रा शुरू हुई। प्रारंभिक चरण में यात्रियों की संख्या सीमित रही, लेकिन यात्रियों के चेहरे पर लंबे इंतजार के बाद सेवा बहाल होने की खुशी साफ दिखाई दी।

विवरणजानकारी
सेवा मार्गअगरतला – ढाका – कोलकाता
स्थगन अवधि18 महीने
पहली यात्रा (अगरतला से)15 यात्री
वापसी यात्रा (कोलकाता से)22 यात्री

बांग्लादेश की स्थिति के कारण हुआ था स्थगन

सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश में आंतरिक अशांति और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के कारण अगरतला-कोलकाता मैत्री बस सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। इस दौरान यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ा, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़े। खासतौर पर चिकित्सा, शिक्षा और व्यापारिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

अब हालात सामान्य होने के बाद सेवा को पुनः शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों और सीमा पार औपचारिकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं।

सीमा पार संपर्क और व्यापार को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि अगरतला-कोलकाता मैत्री बस सेवा केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों का प्रतीक है। यह सेवा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, पारिवारिक और व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पूर्वोत्तर भारत के लिए यह मार्ग विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इससे त्रिपुरा सहित अन्य राज्यों के लोगों को कोलकाता और आगे देश के अन्य हिस्सों से जुड़ने का सुविधाजनक विकल्प मिलता है। इसी तरह बांग्लादेश के यात्रियों को भी चिकित्सा और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भारत आने में आसानी होती है।

नियमित संचालन की उम्मीद

यात्रियों ने उम्मीद जताई है कि अब अगरतला-कोलकाता मैत्री बस सेवा नियमित रूप से संचालित होती रहेगी और भविष्य में किसी अप्रत्याशित कारण से इसे फिर स्थगित नहीं किया जाएगा। आम लोगों का मानना है कि ऐसी सेवाएं सीमा पार विश्वास और सहयोग को मजबूत करती हैं।

अधिकारियों के अनुसार यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो आवृत्ति (frequency) बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल सेवा के सुचारु संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


👉 पूर्वोत्तर और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए हमारे व्हाट्सऐप चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: होली पर 1,244 विशेष ट्रेनें चलाएगा भारतीय रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे सबसे आगे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles