सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर साइबर जागरूकता अभियान के तहत जनपद में कॉलेज छात्रों को ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। दिनांक 26 फरवरी 2026 को साइबर क्राइम थाना सिद्धार्थनगर की टीम ने छात्र-छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम रोहिणी यादव के पर्यवेक्षण में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। सिद्धार्थनगर साइबर जागरूकता अभियान का उद्देश्य युवाओं को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाना है।
सिद्धार्थनगर साइबर जागरूकता अभियान: कॉलेज छात्रों को दी गई जानकारी
प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर तिवारी मय टीम ने भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित Student Police Experiential Learning (SPEL) कार्यक्रम के तृतीय चरण में सहभागिता की। इस दौरान शिवपति डिग्री कॉलेज शोहरतगढ़ एवं बुद्ध विद्या पीठ डिग्री कॉलेज के एनएसएस छात्र-छात्राओं को पुलिस कार्यालय भ्रमण कराया गया और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
ऑनलाइन सुरक्षा के प्रमुख सुझाव
- किसी भी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर बैंक खाता नंबर, पिन, पासवर्ड या सरकारी आईडी साझा न करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
- केवल अधिकृत और सुरक्षित वेबसाइट (https) का उपयोग करें।
- ऑनलाइन लेन-देन के लिए सार्वजनिक वाई-फाई का प्रयोग न करें।
- अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए मजबूत और अलग पासवर्ड रखें।
- ओएलएक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर लेन-देन से पहले दस्तावेज सत्यापित करें।
- फर्जी कैश रिवार्ड या सिम ब्लॉक संदेशों से सतर्क रहें।
साइबर अपराध होने पर क्या करें
| सहायता माध्यम | विवरण |
|---|---|
| हेल्पलाइन नंबर | 1930 |
| ऑनलाइन पोर्टल | www.cybercrime.gov.in |
| समय सीमा | 24–48 घंटे में शिकायत दर्ज कराने पर धन वापसी की संभावना अधिक |
सिद्धार्थनगर साइबर जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को होल्ड या रिकवर करने की संभावना बढ़ जाती है। छात्रों से अपील की गई कि वे अपने परिवार और समाज में भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएं।
कार्यक्रम में साइबर क्राइम थाना के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य जनपद में सुरक्षित डिजिटल वातावरण स्थापित करना और युवाओं को साइबर अपराधों से सजग रखना है।







