Friday, February 27, 2026
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जेएनयू प्रदर्शन मामला : पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी 14 प्रदर्शनकारी छात्रों को दी जमानत

नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता

जेएनयू प्रदर्शन मामला में शुक्रवार को महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला आया, जब पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी 14 छात्रों को जमानत दे दी। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी पेशेवर या आदतन अपराधी प्रतीत नहीं होते हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा न्यायिक हिरासत की मांग के बावजूद अदालत ने शर्तों के साथ राहत प्रदान की। जेएनयू प्रदर्शन मामला पिछले कुछ दिनों से राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ था।

जेएनयू प्रदर्शन मामला: अदालत की टिप्पणी

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस अधिकारियों पर हमला गंभीर विषय है और इसे शांतिपूर्ण विरोध के नाम पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें अधिकतम सजा पांच वर्ष तक का प्रावधान है। न्यायालय ने आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी संज्ञान लिया और पाया कि वे पेशेवर अपराधी नहीं हैं। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जेएनयू प्रदर्शन मामला में जमानत देने का निर्णय लिया गया।

दिल्ली पुलिस का पक्ष

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की। पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों की हिरासत आवश्यक है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई, जिसमें कुछ अधिकारी घायल भी हुए।

पुलिस ने यह भी दावा किया कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था, बल्कि प्रदर्शनकारियों द्वारा बल प्रयोग किया गया। अदालत को बताया गया कि आरोपियों के खिलाफ पहले भी प्रदर्शन से जुड़े चार अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।

बचाव पक्ष की दलील

आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि सभी छात्र जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि आरोपी भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था में शामिल नहीं होंगे और आवश्यकता पड़ने पर लिखित आश्वासन भी देंगे। जेएनयू प्रदर्शन मामला में बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि छात्रों को लंबी अवधि तक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा।

सुनवाई के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने बिना वर्दी के उसे भीड़ से खींच लिया, जिससे उसे चोट आई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्णय सुनाया।

जमानत की शर्तें

अदालत ने सभी 14 आरोपियों को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। साथ ही उन्हें जांच में सहयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियों के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।

मामले का बिंदुविवरण
गिरफ्तार छात्र14
जमानत राशि₹25,000 निजी मुचलका
अधिकतम सजा (प्रावधान)5 वर्ष तक
पुलिस की मांगन्यायिक हिरासत

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जेएनयू प्रदर्शन मामला में आया यह आदेश न्यायालय के संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें एक ओर कानून-व्यवस्था की गंभीरता को स्वीकार किया गया तो दूसरी ओर आरोपियों के अधिकारों को भी ध्यान में रखा गया।

👉 जेएनयू प्रदर्शन मामला और दिल्ली से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए हमारे व्हाट्सऐप चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: दिल्ली आबकारी नीति मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट से केजरीवाल और सिसोदिया बरी

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