हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई बाल श्रमिक चिन्हांकन अभियान के तहत कलेक्ट्रेट स्थित स्वामी विवेकानन्द सभागार में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स एवं बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के ईंट-भट्ठों, होटलों, रेस्टोरेंटों, फैक्ट्रियों और अन्य प्रतिष्ठानों पर नियमित छापेमारी कर बाल श्रमिकों को मुक्त कराने, उनका चिन्हांकन करने और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना प्राथमिकता होगी।
हरदोई बाल श्रमिक चिन्हांकन अभियान के तहत सघन कार्रवाई
हरदोई बाल श्रमिक चिन्हांकन अभियान में सहायक श्रमायुक्त को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर नियमित निरीक्षण और छापेमारी की जाए। विशेष रूप से ईंट-भट्ठों, ढाबों, छोटे कारखानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर टीमों के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा।
- ईंट-भट्ठों पर विशेष जांच
- होटल और रेस्टोरेंट में निरीक्षण
- फैक्ट्रियों में आयु सत्यापन
- खतरनाक कार्यस्थलों की पहचान
जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
मुक्त बच्चों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा
हरदोई बाल श्रमिक चिन्हांकन अभियान के अंतर्गत चिन्हित बच्चों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभान्वित किया जाए और बालिकाओं का प्रवेश कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सुनिश्चित कराया जाए।
| योजना | लाभ |
|---|---|
| बाल सेवा योजना | आर्थिक सहायता एवं संरक्षण |
| कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय | निःशुल्क आवासीय शिक्षा |
| राशन कार्ड | खाद्य सुरक्षा |
| प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना | निःशुल्क गैस कनेक्शन |
इसके साथ ही बच्चों के परिवारों को चिन्हित कर उन्हें राशन कार्ड और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए।
14 से 18 वर्ष आयु वर्ग पर विशेष फोकस
हरदोई बाल श्रमिक चिन्हांकन अभियान में 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक कार्यों से दूर रखने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस आयु वर्ग के बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण और शिक्षा से जोड़कर उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सकता है।
- अभिभावकों को जागरूक करना
- विद्यालयों से समन्वय
- समुदाय स्तर पर बैठकें
- बाल श्रम के दुष्परिणामों पर प्रचार
प्रशासन की सख्त चेतावनी
हरदोई बाल श्रमिक चिन्हांकन अभियान के तहत जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ब्लॉक और ग्राम स्तर पर निगरानी मजबूत की जाए तो बाल श्रम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
बैठक में सहायक श्रमायुक्त सत्यवीर सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए अशोक कुमार मौर्य, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम, समिति सदस्य शत्रुघ्न द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समन्वित प्रयास से मिलेगा स्थायी समाधान
हरदोई बाल श्रमिक चिन्हांकन अभियान का उद्देश्य केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि चिन्हित बच्चों को शिक्षा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रशासन का मानना है कि विभागीय समन्वय और सामुदायिक सहभागिता से ही बाल श्रम उन्मूलन को स्थायी रूप से सफल बनाया जा सकता है।
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