ललितपुर, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन के तहत 26 फरवरी 2026 को ललितपुर में बेसिक शिक्षा विभाग के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों द्वारा टीईटी अनिवार्यता के विरोध में विशाल आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिले के सैकड़ों शिक्षक और शिक्षिकाएं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्र होकर धरना देंगे और इसके बाद जुलूस के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। आंदोलन का उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन को लेकर संगठनों की व्यापक तैयारी
ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए शिक्षक संगठनों ने बीते कई दिनों से व्यापक तैयारियां की हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ (पूर्व माध्यमिक) और उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है।
संगठनों का कहना है कि टीईटी अनिवार्यता के वर्तमान स्वरूप से बड़ी संख्या में अनुभवी शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी कारण शिक्षकों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण आंदोलन का मार्ग अपनाया है।
धरना प्रदर्शन और जुलूस का विस्तृत कार्यक्रम
आयोजकों के अनुसार ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से तैयार किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और आंदोलन का संदेश स्पष्ट रूप से प्रशासन तक पहुंचे।
| क्रम | कार्यक्रम | स्थान | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | धरना प्रदर्शन | बीएसए कार्यालय | सुबह 10 बजे |
| 2 | विशाल जुलूस | मुख्य मार्ग | दोपहर 12 बजे |
| 3 | ज्ञापन सौंपना | जिलाधिकारी कार्यालय | दोपहर 1 बजे |
टीईटी अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों की प्रमुख मांगें
ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षक अपनी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में हैं। संगठनों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कई व्यावहारिक कठिनाइयां हैं, जिनका समाधान आवश्यक है।
- टीईटी नियमों में व्यावहारिक संशोधन
- अनुभवी शिक्षकों को राहत
- सेवा सुरक्षा की गारंटी
- स्थानांतरण और पदोन्नति में पारदर्शिता
- समयबद्ध समस्याओं का समाधान
शिक्षकों का मानना है कि यदि इन मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।
तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे संगठन पदाधिकारी
आंदोलन से एक दिन पूर्व ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी, महिला शिक्षक संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश राठौर सहित अरुण गोस्वामी, ब्रजेश तिवारी और आलोक स्वामी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए प्रशासन से सहयोग की अपील
संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी।
शिक्षकों ने भरोसा दिलाया कि उनका उद्देश्य केवल अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखना है, न कि किसी प्रकार की अराजकता फैलाना।
शिक्षा व्यवस्था पर आंदोलन का संभावित प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार ललितपुर शिक्षक धरना प्रदर्शन का असर स्थानीय शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नीतियों पर पड़ सकता है। यदि मांगों पर गंभीरता से विचार किया गया, तो इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार संभव है।
वहीं, संगठनों का कहना है कि वे सरकार के साथ संवाद के लिए हमेशा तैयार हैं, बशर्ते उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए।
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