Wednesday, February 25, 2026
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देवरिया में “ऑपरेशन खोज” अभियान तेज: बाल गृहों का भौतिक निरीक्षण, लापता बच्चों के पुनर्वास पर विशेष जोर

देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता

देवरिया ऑपरेशन खोज अभियान के तहत 23 फरवरी 2026 को पुलिस लाइन देवरिया स्थित प्रेक्षा गृह में “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। कौन – जिला प्रशासन, पुलिस व बाल संरक्षण इकाई, क्या – समीक्षा बैठक व ऑपरेशन खोज अभियान, कब – 23 फरवरी 2026, कहां – पुलिस लाइन, देवरिया, क्यों – लापता बच्चों की खोज व पुनर्वास हेतु, कैसे – भौतिक निरीक्षण और समन्वित कार्यवाही के माध्यम से। इस Deoria Operation Khoj Child Protection अभियान को बाल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत हुई समीक्षा बैठक

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय गुप्ता, नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई, जबकि संचालन जय प्रकाश तिवारी, संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई ने किया।

यह बैठक 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम (27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026) के अंतर्गत आयोजित की गई।

बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बाल संरक्षण और पुनर्वास से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।

  • किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया
  • बाल कल्याण समिति की भूमिका
  • खोए-पाए बच्चों का पुनर्वास
  • बाल श्रम उन्मूलन योजनाएं
  • चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता
  • महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन नंबर 112

सदस्यों ने बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर विशेष जोर दिया।

“ऑपरेशन खोज” के तहत दिए गए विशेष निर्देश

बैठक में गोरखपुर जोन कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया गया कि गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, बाल गृह एवं आश्रय गृहों का नियमित भौतिक निरीक्षण किया जाएगा।

बरामद बच्चों को शीघ्र उनके परिजनों से मिलाकर पुनर्वासित करने के लिए “ऑपरेशन खोज” अभियान चलाया जा रहा है।

बाल विवाह रोकथाम को लेकर सख्त संदेश

अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के युवक का विवाह कराने पर एक लाख रुपये जुर्माना और दो वर्ष की सजा का प्रावधान है।

सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम योद्धा के रूप में कार्य करने की शपथ दिलाई गई।

अभियान से जुड़े प्रमुख बिंदु

बिंदुविवरणअवधि
अभियानबाल विवाह मुक्त भारत27 नवम्बर 2025 – 08 मार्च 2026
विशेष अभियानऑपरेशन खोजनिरंतर
मुख्य उद्देश्यलापता बच्चों की खोजस्थायी
हेल्पलाइन1098, 181, 11224×7

जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका

बैठक में जिला परिवीक्षा अधिकारी अनिल कुमार सोनकर, अरविंद यादव, गोविंद सिंह, सत्यपाल चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने संयुक्त रूप से अभियान को प्रभावी बनाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।

बाल सुरक्षा और पुनर्वास की दिशा में अहम कदम

प्रशासन का मानना है कि ऑपरेशन खोज और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और समाज में जागरूकता बढ़ेगी।

यह पहल देवरिया को बाल विवाह मुक्त और बाल-सुरक्षित जिला बनाने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है।

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