वाराणसी, अजय कुमार | वेब वार्ता
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्णा ने 23 फरवरी 2026 को वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्री विश्वेश्वर के विधिपूर्वक दर्शन एवं पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश और प्रदेश की समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने पूरे कॉरिडोर परिसर का भ्रमण कर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया और इसे आध्यात्मिक पर्यटन का आदर्श मॉडल बताया।
डॉ. श्रीवत्स कृष्णा का यह दौरा धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके निरीक्षण से केंद्र सरकार की ओर से काशी विश्वनाथ धाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की मंशा भी स्पष्ट होती है।
विधिपूर्वक पूजन कर की जनकल्याण की कामना
दर्शन के दौरान पर्यटन सचिव ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान श्री विश्वेश्वर की पूजा-अर्चना की। उन्होंने राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक सौहार्द और जनसमृद्धि की प्रार्थना की।
मंदिर के आचार्यों द्वारा कराए गए विशेष पूजन में उन्होंने पूरे विधि-विधान से सहभागिता की और सनातन परंपरा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का किया विस्तृत निरीक्षण
दर्शन के पश्चात डॉ. कृष्णा ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्थाओं का पर्यटन की दृष्टि से गहन मूल्यांकन किया।
| निरीक्षण बिंदु | स्थिति | मूल्यांकन |
|---|---|---|
| स्वच्छता व्यवस्था | उत्कृष्ट | पर्यटन अनुकूल |
| प्रवेश एवं निकास व्यवस्था | सुव्यवस्थित | भीड़ नियंत्रण में सहायक |
| श्रद्धालु सेवाएं | प्रभावी | सकारात्मक अनुभव |
| सुरक्षा प्रबंधन | मजबूत | विश्वसनीय व्यवस्था |
उन्होंने कहा कि कॉरिडोर परियोजना ने काशी को वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई है।
आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन रहा काशी
डॉ. श्रीवत्स कृष्णा ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यहां आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे भारत की आध्यात्मिक परंपरा को वैश्विक मंच पर मजबूती मिल रही है।
श्री कुम्भेश्वर महादेव मंदिर में भी किए दर्शन
काशी और प्रयागराज के मध्य विकसित धार्मिक-सांस्कृतिक नवाचार के अंतर्गत पर्यटन सचिव ने श्री कुम्भेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन किए।
मंदिर प्रशासन द्वारा उन्हें बताया गया कि यहां दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को कुंभ स्नान के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। इस आध्यात्मिक महत्त्व को जानकर उन्होंने श्रद्धा भाव से भगवान श्री कुम्भेश्वर महादेव की आराधना की।
पंचबदन प्रतिमा एवं नव-निर्मित कक्ष का अवलोकन
डॉ. कृष्णा ने धाम स्थित श्री सत्यनारायण जी विग्रह के समीप नव-निर्मित कक्ष में स्थापित पंचबदन प्रतिमा के भी दर्शन किए और विधिवत आरती में सहभागिता की।
उन्होंने इस निर्माण कार्य और कलात्मक संरचना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास का सुंदर उदाहरण बताया।
विकास कार्यों की मिली विस्तृत जानकारी
इस अवसर पर मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा पर्यटन सचिव को धाम में चल रहे विकास कार्यों, भविष्य की योजनाओं और व्यवस्थागत सुधारों की विस्तृत जानकारी दी गई।
डॉ. कृष्णा ने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालु सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर सुधार किया जाना चाहिए।
धार्मिक पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय विकास
उन्होंने कहा कि काशी जैसे धार्मिक स्थलों का समग्र विकास न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे—
- स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ते हैं
- पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होती है
- होटल, परिवहन और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलता है
- वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है
निष्कर्ष
पर्यटन मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्णा का काशी विश्वनाथ धाम दौरा केंद्र सरकार की धार्मिक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर विकसित करने की नीति को दर्शाता है। कॉरिडोर की सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं, आध्यात्मिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं काशी को विश्व स्तरीय तीर्थस्थल के रूप में स्थापित कर रही हैं। आने वाले समय में यह पहल भारत के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।
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