लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
लखनऊ के ऐतिहासिक चौक क्षेत्र में 23 फरवरी 2026 को पद्म विभूषण अमृतलाल नागर की पुण्यतिथि के अवसर पर चौक चौराहे का नामकरण “पद्म विभूषण श्री अमृतलाल नागर चौराहा” के रूप में किया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और क्षेत्र में विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
महान साहित्यकार को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत महापौर द्वारा अमृतलाल नागर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। उन्होंने कहा कि अमृतलाल नागर ने अपनी लेखनी से लखनऊ की तहजीब, संस्कृति और जनजीवन को जीवंत बनाया। उनके नाम पर चौराहे का नामकरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
छह विकास कार्यों का शिलान्यास
इस अवसर पर चौक कालीजी बाजार वार्ड में सड़क, नाली और पार्क से जुड़े कुल छह विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।
| क्रम | कार्य विवरण | लागत |
|---|---|---|
| 1 | मिर्जा मंडी में एमबी हॉस्पिटल से भूपेंद्र मल्होत्रा आवास तक सीसी रोड | ₹9.85 लाख |
| 2 | शंकरी टोला में हनुमान मंदिर से पत्रकार हिमांशु आवास तक सीसी रोड व नाली | ₹9.90 लाख |
| 3 | श्री कोनेश्वर मंदिर से एमपी हॉस्पिटल तक सीसी रोड व नाली | ₹9.80 लाख |
| 4 | शंकरी टोला, दर्जी बगिया, टंडन फव्वारा व लाजपतनगर पार्क की रंगाई-पुताई | ₹9.88 लाख |
| 5 | सोंधी टोला पार्क में बाउंड्री, गेट व फुटपाथ निर्माण | ₹19.93 लाख |
क्षेत्र को मिलेगा बेहतर आधारभूत ढांचा
महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि इन विकास कार्यों से आवागमन सुविधा, जल निकासी व्यवस्था और पार्कों के सौंदर्यीकरण को मजबूती मिलेगी। इससे नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं।
कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम में पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’, स्थानीय पार्षद अनुराग मिश्रा ‘अन्नू’, डॉ. उमंग खन्ना, व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तम कपूर, कवि सर्वेश अस्थाना, सूर्य कुमार पाण्डेय, जोनल अधिकारी अमरजीत यादव एवं अधिशासी अभियंता अशोक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
अमृतलाल नागर के नाम पर चौक चौराहे का नामकरण और विकास कार्यों का शिलान्यास लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का प्रतीक है। यह पहल शहर को बेहतर आधारभूत संरचना और साहित्यिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।







