मुंबई, एंटरटेनमेंट डेस्क | वेब वार्ता
मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने 6606 करोड़ रुपये के बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी राज कुंद्रा को बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने उन्हें 1 लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही यह शर्त भी लगाई गई है कि वह बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। फैसले के बाद राज कुंद्रा ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था।
कोर्ट ने कड़ी शर्तों के साथ दी जमानत
अदालत ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि राज कुंद्रा जांच में पूरा सहयोग करेंगे, किसी भी गवाह या सबूत से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और समय-समय पर जांच एजेंसियों के समक्ष उपस्थित रहेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।
वकील ने चार्जशीट पर उठाए सवाल
राज कुंद्रा के अधिवक्ता प्रशांत पाटिल ने अदालत में दलील दी कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल चार्जशीट में ठोस साक्ष्यों का अभाव है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से राज कुंद्रा लगातार जांच में सहयोग कर रहे हैं और कई बार एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं।
बचाव पक्ष का कहना था कि जब आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहा है, तो उसे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।
जमानत के बाद राज कुंद्रा का बयान
कोर्ट से राहत मिलने के बाद राज कुंद्रा ने मीडिया से कहा, “मुझे भारतीय न्यायपालिका पर हमेशा भरोसा रहा है। आज सत्य की जीत हुई है। सत्यमेव जयते।” उन्होंने कहा कि वह आगे भी कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करेंगे।
2018 से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2018 में पुणे में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बिटकॉइन माइनिंग के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस कथित पोंजी स्कैम के मास्टरमाइंड से राज कुंद्रा को 285 बिटकॉइन प्राप्त हुए थे, जिनकी जानकारी उन्होंने एजेंसियों को नहीं दी।
संपत्ति खरीद में अनियमितता का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि अवैध धन को वैध दिखाने के लिए कम कीमत पर संपत्तियां खरीदी गईं। एजेंसी के अनुसार, डिजिटल वॉलेट से जुड़ी जानकारी साझा न करने से जांच प्रभावित हुई।
मामले की वर्तमान स्थिति
जमानत मिलने के बाद अब यह मामला ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगा। आने वाले समय में गवाहों के बयान और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर मुकदमे की दिशा तय होगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आरोपी के लिए राहत जरूर है, लेकिन अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है।
👉 मनोरंजन और कानून से जुड़ी ताजा खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta
ये भी पढ़ें: फिर मुश्किल में पड़े शिल्पा-राज कुंद्रा, धोखाधड़ी के आरोप में कोर्ट ने दिए जांच के आदेश, जानें क्या है माजरा







