Saturday, February 21, 2026
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‘द हंड्रेड’ की कमान बाहरी ताकतों के हाथ में नहीं होनी चाहिए: माइकल वॉन

नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली ‘द हंड्रेड’ क्रिकेट लीग में पहली बार होने जा रही नीलामी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि टूर्नामेंट की कमान बाहरी ताकतों के प्रभाव में चली गई, तो इससे इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

पाकिस्तानी खिलाड़ियों की नीलामी पर उठे सवाल

‘द हंड्रेड’ लीग की आगामी नीलामी में पहली बार पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने भी पंजीकरण कराया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजियां पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने से परहेज कर सकती हैं। इसे लेकर क्रिकेट जगत में भेदभाव और राजनीति के आरोप लगने लगे हैं।

आईपीएल फ्रेंचाइजियों का बढ़ता प्रभाव

द हंड्रेड की कई टीमों का स्वामित्व अब आईपीएल से जुड़ी फ्रेंचाइजियों के हाथों में है। पिछले वर्ष अक्टूबर में इन टीमों का नियंत्रण भारतीय निवेशकों को सौंपा गया था। इसके बाद से ही यह आशंका जताई जा रही है कि टीम चयन में व्यावसायिक और राजनीतिक प्रभाव बढ़ सकता है।

वॉन की ईसीबी से सख्त अपील

माइकल वॉन ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड से अपील की है कि वह इस मामले में सख्त रुख अपनाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश के खिलाड़ियों को राजनीतिक कारणों से बाहर रखा गया, तो यह टूर्नामेंट की साख को नुकसान पहुंचाएगा।

वॉन ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से प्रतिभा, प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर होनी चाहिए, न कि किसी खिलाड़ी की राष्ट्रीयता या राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर।

समावेशी क्रिकेट की छवि पर खतरा

पूर्व कप्तान ने याद दिलाया कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने देश में क्रिकेट को सबसे समावेशी खेल बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में यदि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया, तो यह उस लक्ष्य के विपरीत होगा।

उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जाएगा कि टूर्नामेंट का नियंत्रण गवर्निंग बॉडी के हाथ में नहीं, बल्कि बाहरी निवेशकों और ताकतों के प्रभाव में है।

राजनीति से ऊपर होना चाहिए क्रिकेट

माइकल वॉन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्रिकेट को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। खेल का उद्देश्य देशों को जोड़ना और प्रतिभा को मंच देना है, न कि राजनीतिक मतभेदों का विस्तार करना।

उन्होंने कहा कि यदि चयन में निष्पक्षता नहीं रही, तो इससे खिलाड़ियों का मनोबल टूटेगा और टूर्नामेंट की वैश्विक छवि भी प्रभावित होगी।

63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण

द हंड्रेड की नीलामी के लिए पाकिस्तान के 63 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल हैं। इसके बावजूद भारतीय स्वामित्व वाली टीमों द्वारा उन्हें चुने जाने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

चार टीमों पर भारतीय निवेशकों का नियंत्रण

फिलहाल द हंड्रेड की चार टीमें भारतीय निवेशकों के स्वामित्व में हैं। इन टीमों के चयन फैसले पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि इन्हीं पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं।

क्रिकेट जगत में बढ़ी चिंता

इस पूरे मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चिंता बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो द हंड्रेड जैसी लोकप्रिय लीग की साख को गहरा नुकसान हो सकता है।

अब सभी की निगाहें इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड पर टिकी हैं कि वह निष्पक्षता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।

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