नई दिल्ली, टेक्नोलॉजी डेस्क | वेब वार्ता
डेनमार्क और भारत के बीच मजबूत होती Green Strategic Partnership के तहत अब बच्चों के लिए AI-सक्षम (AI-enabled) शैक्षणिक खिलौनों का विकास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता को मजबूत करना है।
इन स्मार्ट खिलौनों के माध्यम से बच्चों को कम उम्र से ही डिजिटल स्किल्स, कोडिंग और इनोवेशन की दिशा में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
क्या है Green Strategic Partnership?
डेनमार्क और भारत के बीच Green Strategic Partnership सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। अब इस साझेदारी का विस्तार शिक्षा और एडटेक सेक्टर तक किया गया है।
इस पहल के तहत पर्यावरण के अनुकूल तकनीक के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
कैसे काम करते हैं AI आधारित खिलौने?
AI-सक्षम शैक्षणिक खिलौने बच्चों को केवल खेलने का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने का आधुनिक प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं। इनके माध्यम से बच्चे —
- बेसिक कोडिंग और प्रोग्रामिंग सीखते हैं
- मॉडल निर्माण के जरिए तकनीकी समझ विकसित करते हैं
- समस्या समाधान की क्षमता बढ़ाते हैं
- तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करते हैं
- टीमवर्क और क्रिएटिविटी सीखते हैं
इन खिलौनों में Scratch आधारित प्रोग्रामिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जिससे बच्चे सरल और दृश्यात्मक तरीके से कोडिंग की मूलभूत अवधारणाएं समझ पाते हैं।
Lego Education की भूमिका
Bricks clicking into place. Buzzes of collaboration. Booming cheers on repeat.
When classrooms feature hands-on experiences, engagement is loud and clear. https://t.co/7QgD4oYxj7 pic.twitter.com/HC4hbVjyn6
— LEGO Education (@LEGO_Education) July 24, 2025
इस पहल में Lego Education की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह संस्था बच्चों को हैंड्स-ऑन लर्निंग के माध्यम से तकनीकी विषयों से जोड़ रही है।
इसके उत्पादों में बच्चे खुद मॉडल बनाते हैं, उन्हें प्रोग्राम करते हैं और प्रयोग के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।
EDUTECH INDIA का योगदान
EDUTECH INDIA PVT LTD के बिज़नेस मैनेजर ऋषभ कुमार शुक्ला ने बताया कि AI आधारित ये खिलौने बच्चों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करने में सहायक हैं।
उनके अनुसार, इन प्रोडक्ट्स से बच्चों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में AI का बढ़ता प्रभाव
वर्तमान समय में AI आधारित शिक्षा उपकरण दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। भारत में भी नई शिक्षा नीति के तहत तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
AI खिलौनों के माध्यम से बच्चे कम उम्र से ही STEM शिक्षा की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे भविष्य में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य विशेषताएं एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| साझेदारी | डेनमार्क-भारत Green Strategic Partnership |
| फोकस | AI आधारित शैक्षणिक खिलौने |
| लर्निंग मॉडल | हैंड्स-ऑन और प्रैक्टिकल लर्निंग |
| मुख्य तकनीक | Scratch प्रोग्रामिंग, AI सिस्टम |
| लाभ | क्रिएटिविटी, कोडिंग, लॉजिकल थिंकिंग |
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां भारत के एडटेक सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।
यदि इन तकनीकों को सरकारी और निजी स्कूलों में व्यापक स्तर पर अपनाया जाता है, तो भारत डिजिटल शिक्षा में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है।
निष्कर्ष
डेनमार्क-भारत Green Strategic Partnership के तहत AI खिलौनों का विकास केवल तकनीकी पहल नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है।
यह प्रयास बच्चों को डिजिटल युग का उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि नवाचारकर्ता और समस्या समाधानकर्ता बनाने की दिशा में प्रेरित करेगा।
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