लखनऊ, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
लखनऊ में स्कूलों के समय लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने 1500 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों के बाहर लगने वाले जाम पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की है।
बड़े स्कूलों में तैनात होंगे 10 प्रशिक्षित मार्शल
सुनवाई के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने कोर्ट को बताया कि राजधानी के बड़े स्कूलों में 10-10 प्रशिक्षित मार्शल तैनात करने की योजना बनाई गई है। ये मार्शल स्कूल खुलने और छुट्टी के समय यातायात व्यवस्था संभालेंगे।
- स्कूल गेट पर ट्रैफिक नियंत्रण
- छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही
- अभिभावकों की पार्किंग व्यवस्था
- मुख्य सड़कों पर जाम से राहत
कोर्ट ने मांगी सरकार से पूरी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करे। साथ ही विभिन्न विकास एजेंसियों से भी जानकारी जुटाने के आदेश दिए गए हैं।
छात्राओं की सुरक्षा पर भी कोर्ट की चिंता
सुनवाई के दौरान बालिका स्कूलों की छात्राओं से छेड़छाड़ की घटनाओं पर भी कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई। न्यायालय ने कहा कि ट्रैफिक अव्यवस्था से सुरक्षा जोखिम बढ़ता है।
17 जनवरी की सुनवाई में एडीजी ट्रैफिक ए. सतीश गणेश और डीसीपी कमलेश दीक्षित कोर्ट में उपस्थित हुए थे।
मामले से जुड़ी प्रमुख जानकारी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| मामला | स्कूल टाइम ट्रैफिक जाम |
| स्थान | लखनऊ |
| स्कूल श्रेणी | 1500+ छात्र वाले स्कूल |
| प्रस्ताव | 10 प्रशिक्षित मार्शल तैनाती |
| अगली सुनवाई | 10 मार्च 2026 |
अगली सुनवाई और कोर्ट का रुख
यह मामला गोमती रिवर बैंक क्षेत्र के निवासियों द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो कठोर आदेश जारी किए जा सकते हैं।
मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की गई है।
निष्कर्ष
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राजधानी में स्कूल टाइम जाम से राहत की उम्मीद बढ़ी है। यदि प्रस्तावित योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया, तो लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
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