शाहजहांपुर, रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद अंतर्गत थाना कलान क्षेत्र के ग्राम वाराकलां में जमीन विवाद से जुड़ा धोखाधड़ी और धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित किसान ने क्षेत्राधिकारी जलालाबाद से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्राम वाराकलां निवासी धीरपाल पुत्र गोकरन कश्यप ने सीओ जलालाबाद को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे के नाम पर उनसे लाखों रुपये की ठगी की गई है।
पैतृक भूमि पर कब्जा हटवाने के नाम पर ठगी
पीड़ित के अनुसार, बदायूं मार्ग स्थित उनकी पैतृक भूमि गाटा संख्या 422 पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था। आर्थिक तंगी के कारण वह स्वयं निर्माण कार्य नहीं करा पा रहे थे।
इसी दौरान ग्राम मानपुर, थाना कांट निवासी अरविंद कश्यप पुत्र रामचंद्र और एक अन्य व्यक्ति ने कब्जा मुक्त कराने और निर्माण कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल ली।
किस्तों में लिए गए पांच लाख रुपये
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 30 जनवरी 2026 को 2 लाख रुपये, 1 फरवरी 2026 को 2 लाख रुपये और 5 जनवरी 2026 को 1 लाख रुपये इस प्रकार कुल 5 लाख रुपये लिए।
उन्होंने दावा किया कि यह रकम तहसील, जिला और थाना स्तर के अधिकारियों को देकर जमीन कब्जा मुक्त करा देंगे और निर्माण भी करवा देंगे, अन्यथा जमीन अपने नाम करा लेंगे।
उधार लेकर दी रकम, नहीं हुआ कोई काम
पीड़ित धीरपाल ने बताया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी खर्च करने के साथ-साथ रिश्तेदारों से उधार लेकर यह रकम जुटाई।
इसके बावजूद न तो जमीन कब्जा मुक्त हुई और न ही कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
रुपये मांगने पर धमकी का आरोप
जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी अरविंद ने यह कहकर टाल दिया कि 2.5 लाख रुपये सीओ जलालाबाद और 2.5 लाख रुपये जिला स्तर पर दे दिए गए हैं।
इसके बाद आरोपियों ने रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी।
गुंडागर्दी और राजनीतिक संरक्षण का आरोप
पीड़ित ने अपनी शिकायत में अरविंद कश्यप को गुंडा प्रवृत्ति का व्यक्ति बताते हुए उसके राजनीतिक संरक्षण का भी आरोप लगाया है।
धीरपाल का कहना है कि इसी कारण वह अब तक खुलकर शिकायत करने से डरता रहा।
मुकदमा दर्ज कर धन वापसी की मांग
पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी से मांग की है कि थाना जलालाबाद को निर्देश देकर धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए और उससे ठगे गए 5 लाख रुपये वापस दिलवाए जाएं।
साथ ही आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अजय कुमार राय ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
वाराकलां में सामने आया यह मामला जमीन विवाद के नाम पर होने वाली ठगी और शोषण की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
अब पीड़ित को प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है।
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