सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद सिद्धार्थनगर में आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत और 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित मेगा विधिक सहायता शिविर की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को एक महत्वपूर्ण प्री-ट्रायल बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना, ताकि आम नागरिकों को सरल, सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा सके।
जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में हुई बैठक
बैठक की अध्यक्षता माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अजय कुमार श्रीवास्तव (तृतीय) द्वारा की गई।
बैठक में विभिन्न बैंकों के अधिकारी, प्रशासनिक विभागों के प्रतिनिधि और न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनके साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
अधिक मामलों के निस्तारण पर दिया गया जोर
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अधिक से अधिक लंबित वादों को चिन्हित कर लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, ताकि उनका आपसी सहमति से निस्तारण किया जा सके।
अध्यक्ष ने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे न्यायालयों पर भार कम होता है और पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलता है।
मेगा विधिक सहायता शिविर की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े निर्बल वर्ग, दिव्यांगजन, महिलाएं, बच्चे, निर्धन परिवार, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को चिन्हित कर शिविर में उपस्थित कराएं।
लाभार्थियों को मिलेंगी सरकारी सुविधाएं
शिविर में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रमाण-पत्र, सहायक उपकरण, आर्थिक एवं सामाजिक सहायता और सरकारी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे शिविर स्थल पर अपने कर्मचारियों की समुचित ड्यूटी सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विभागीय अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, विद्युत, परिवहन, श्रम, उद्योग, पंचायत राज, मत्स्य पालन, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे आपसी समन्वय से कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाएं।
जनपदवासियों से की गई अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय लोक अदालत और मेगा विधिक सहायता शिविर में भाग लें और अपने लंबित मामलों का निःशुल्क एवं त्वरित समाधान कराएं।
प्राधिकरण के सचिव अरूण कुमार (चतुर्थ) ने कहा कि यह आयोजन आम नागरिकों को न्याय से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय लोक अदालत और मेगा विधिक सहायता शिविर को लेकर आयोजित यह प्री-ट्रायल बैठक न्यायिक एवं प्रशासनिक तैयारियों को मजबूती प्रदान करती है।
यदि सभी विभाग समन्वय से कार्य करें, तो यह आयोजन सिद्धार्थनगर के नागरिकों के लिए न्याय और सुविधा का एक प्रभावी मंच साबित होगा।
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