कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में थाना नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में हुई लूट की बड़ी वारदात का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए चार अभियुक्तों को लूट के माल, अवैध हथियार और वाहनों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क पर करारा प्रहार माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार यह घटना 14 फरवरी 2026 की शाम को उस समय हुई थी, जब सर्राफा व्यवसायी भीम वर्मा अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। आरोपियों ने पहले से बनाई गई योजना के तहत घटना को अंजाम दिया था।
घटना का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक वादी एवं पीड़ित भीम वर्मा, निवासी सेमरा, थाना नेबुआ नौरंगिया, अपनी दुकान अनीश ज्वेलर्स, देवतहा बाजार को बंद कर मोटरसाइकिल से घर जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने अपनी कार से उनकी बाइक में जानबूझकर टक्कर मार दी।
पीड़ित के गिरते ही आरोपियों ने उन्हें असलहे के दम पर धमकाया और उनके पास मौजूद सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।
मुकदमा दर्ज कर गठित की गईं विशेष टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार के निर्देश पर थाना नेबुआ नौरंगिया में मु0अ0स0 41/2026 पंजीकृत किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा के नेतृत्व में घटना के शीघ्र अनावरण के लिए छह विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के माध्यम से गहन जांच शुरू की।
संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपी गिरफ्तार
गुरुवार को स्वाट टीम, थाना नेबुआ नौरंगिया, थाना खड्डा, थाना जटहाँ बाजार, डायल 112 और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सफल कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने लूट के पूरे नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया, जिससे संगठित गिरोह की भूमिका उजागर हुई।
बरामदगी का विस्तृत विवरण
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, नकद 5000 रुपये, दो मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड बरामद किए हैं।
इसके अलावा उनके पास से एक अवैध पिस्टल .32 बोर मय पांच जिंदा कारतूस, दो अवैध तमंचे .315 बोर मय पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
एसपी का बयान
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संगठित गिरोह का खुलासा
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हैं और पिछले छह महीनों से किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे।
गिरोह के सदस्य गोकुल कुशवाहा उर्फ खरवान ने पीड़ित की दुकान, आवागमन का समय और रास्तों की जानकारी साझा की थी। इसी आधार पर पूरी योजना बनाई गई।
रेकी कर बनाई गई थी रणनीति
आरोपियों ने कई दिनों तक पीड़ित के घर और दुकान के रास्तों की रेकी की। सूनसान इलाकों को चिन्हित किया, जहां वारदात को अंजाम देना आसान था।
इसके बाद सेन्ट्रो कार (नंबर BR01AW5532) से जानबूझकर टक्कर मारकर लूट को अंजाम दिया गया।
अवैध हथियारों का इस्तेमाल स्वीकार
पूछताछ में अभियुक्तों ने यह भी स्वीकार किया कि लूट के दौरान उन्होंने अवैध पिस्टल और तमंचों का इस्तेमाल किया था।
इससे स्पष्ट होता है कि गिरोह गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था होगी और सख्त
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने और व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं।
व्यापारिक संगठनों ने भी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।
निष्कर्ष
कुशीनगर लूट कांड का खुलासा पुलिस की सक्रियता और बेहतर समन्वय का उदाहरण है। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी से अपराधियों के मनोबल पर गंभीर असर पड़ा है।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी ताकि आमजन में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।
👉 अपराध और कानून से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
ये भी पढ़ें: कुशीनगर में युवक ने सुसाइड नोट लिख की आत्महत्या, बैंक लेनदेन और आभूषणों का किया उल्लेख







