देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन के एसी प्रथम श्रेणी कोच में युवती के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के दो दिन बाद बुधवार को पीड़िता का न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज किया गया, जिससे जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस दौरान कोर्ट परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
मामले में आरोपी टीटीई राहुल कुमार को निलंबित कर दिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीमें लगातार विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपी की तलाश कर रही हैं।
घटना का पूरा घटनाक्रम
रेलवे प्रशासन के अनुसार यह घटना रविवार शाम करीब पांच बजे गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन के एसी प्रथम श्रेणी कोच में इंदारा और देवरिया के बीच हुई थी। पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली 22 वर्षीय युवती है, जो गोरखपुर में किराए के कमरे में रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रही थी। वह एनसीसी सी सर्टिफिकेट की परीक्षा देकर लौट रही थी।
पीड़िता का कहना है कि ट्रेन में चढ़ने की जल्दबाजी के कारण वह टिकट नहीं ले पाई थी। इसी दौरान टीटीई राहुल कुमार ने उसे सीट दिलाने का भरोसा दिया और एसी कोच में ले गया। आरोप है कि वहां उसने अकेले में दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता को धमकाया और देवरिया के भटनी जंक्शन पर उतारकर फरार हो गया।
एफआईआर और जांच की प्रक्रिया
घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल गोरखपुर जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। हालांकि, घटनास्थल देवरिया क्षेत्र में होने के कारण मामला विवेचना के लिए जीआरपी देवरिया को स्थानांतरित कर दिया गया।
जांच अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता ने पूछताछ के दौरान पूरी घटना का सिलसिलेवार विवरण दिया है, जिससे आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाने में मदद मिल रही है।
न्यायिक बयान और सुरक्षा व्यवस्था
बुधवार को देवरिया न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज किया गया। बयान के दौरान उसने आरोपी की पहचान, घटना का स्थान और पूरी प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया।
इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, न्यायिक बयान से मामले में कानूनी कार्रवाई को मजबूती मिलेगी।
आरोपी पर कार्रवाई और इनाम
रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी टीटीई राहुल कुमार को निलंबित कर दिया है। एसपी रेलवे गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
उन्होंने कहा कि जीआरपी की टीमें देवरिया, गोरखपुर, मऊ और आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपी मूल रूप से बिहार का निवासी बताया जा रहा है।
पीड़िता को चिकित्सा और काउंसलिंग सहायता
घटना के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। इसके साथ ही उसे मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वह मानसिक रूप से इस घटना से उबर सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
एसी कोच जैसे सुरक्षित माने जाने वाले हिस्से में इस तरह की घटना ने रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच, निगरानी प्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता है।
साथ ही एसी कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाने और नियमित निगरानी की मांग भी तेज हो गई है।
सामाजिक प्रतिक्रिया और जनआक्रोश
घटना के बाद देवरिया और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश का माहौल है। महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।
पीड़िता के परिवार ने भी न्याय की उम्मीद जताते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मामले को गंभीरता से उठाने का आश्वासन दिया है।
निष्कर्ष
देवरिया एसी कोच दुष्कर्म मामला रेलवे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। पीड़िता के न्यायिक बयान के बाद जांच में तेजी आने की संभावना है। अब सभी की नजरें आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषी को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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