देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
देवरिया जिले के गौरी बाजार स्थित विकास खंड सभागार में मंगलवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 135 से अधिक शिल्पकारों एवं कारीगरों ने प्रतिभाग किया। आयोजन का उद्देश्य कारीगरों को योजना के लाभ, प्रशिक्षण, ऋण एवं स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना रहा।
यह कार्यक्रम भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर द्वारा आयोजित किया गया।
विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों के कारीगर हुए शामिल
कार्यक्रम में गुड़िया एवं खिलौना निर्माता, सोनार, लोहार, बढ़ई, मोची, धोबी, नाई, दर्जी सहित विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े विश्वकर्मा बंधु शामिल रहे।
कारीगरों ने योजना से जुड़ी जानकारी को लेकर विशेष रुचि दिखाई।
कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत भाषण
कार्यक्रम का संचालन नीरज कुमार, सहायक निदेशक द्वारा किया गया।
अविनाश कुमार अपूर्व ने स्वागत भाषण देते हुए योजना की रूपरेखा और उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
योजना के लाभों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
मनीष वर्मा, सहायक प्रबंधक (उद्योग) ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभों के साथ राज्य सरकार की औद्योगिक एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी।
डॉ. संजय भारती ने कारीगरों को डिजिटल माध्यम और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़कर विपणन को मजबूत करने के उपाय बताए।
ऋण और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, गौरी बाजार शाखा की वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मोना वर्मा ने योजना के अंतर्गत ऋण प्रक्रिया, पात्रता और बैंकिंग सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अरविंद गोंड ने डाक विभाग द्वारा कारीगरों को दिए जा रहे सहयोग के बारे में बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा
विशाल वर्मा, डीपीएमयू देवरिया ने योजना के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से कारीगरों की दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि की जा रही है।
योजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत
नीरज कुमार, सहायक निदेशक एवं समन्वयक (पीएमवी) ने योजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि देशभर में पांच वर्षों में 30 लाख कारीगरों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे डेढ़ वर्ष में ही प्राप्त कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश में अब तक 1,78,031 लाभार्थियों का पंजीकरण, 1,40,440 को प्रशिक्षण, 14,927 को ऋण स्वीकृति और 66,821 टूलकिट का वितरण किया जा चुका है।
कारीगरों के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन
खंड विकास अधिकारी साबिर अनवर ने कहा कि एमएसएमई कार्यालय कारीगरों की ऋण, प्रशिक्षण और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है।
उन्होंने कारीगरों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम का समापन एवं आभार
कार्यक्रम के अंत में उद्यमी अमरेश कुमार ने अतिथियों एवं उपस्थित सभी विश्वकर्मा कारीगरों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रतिभागियों ने संतोष व्यक्त किया।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
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