लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने जनसंख्या नियंत्रण और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े नियमों पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रावधान आम जनता के लिए भ्रमित करने वाले और व्यवहारिक रूप से कठिन प्रतीत होते हैं।
“हम दो, हमारे दो” और योजना के नियमों पर सवाल
राजा भैया ने कहा कि देश में वर्षों से “हम दो, हमारे दो” का नारा दिया जाता रहा है, लेकिन आयुष्मान योजना में परिवार की यूनिट को लेकर बने नियम इससे मेल नहीं खाते।
उन्होंने सवाल किया कि जब जनसंख्या नियंत्रण पर जोर दिया जाता है, तो फिर योजना में छह यूनिट (पति-पत्नी और चार बच्चे) की शर्त क्यों रखी गई है।
परिवार की परिभाषा को लेकर उठे सवाल
विधायक ने कहा कि आज के समय में बहुत कम ऐसे परिवार हैं, जिनमें पति-पत्नी और चार बच्चे हों।
ऐसे में इस तरह की शर्तें जमीनी हकीकत से मेल नहीं खातीं और जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित रह जाते हैं।
उम्र सीमा को लेकर भ्रम की स्थिति
राजा भैया ने आयुष्मान योजना में उम्र सीमा को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कहीं 60 वर्ष तो कहीं 70 वर्ष की सीमा का उल्लेख किया जाता है, जिससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
नियमों में पारदर्शिता की मांग
विधायक ने सरकार से मांग की कि आयुष्मान योजना के सभी नियमों को स्पष्ट, सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पष्ट नियमों के कारण कई बार असल जरूरतमंद लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं।
जरूरतमंदों तक पहुंचे योजना का लाभ
राजा भैया ने कहा कि सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब वह सही लोगों तक सही समय पर पहुंचे।
इसके लिए नियमों में व्यावहारिक सुधार जरूरी है।
विधानसभा में गूंजा मुद्दा
उनके इस मुद्दे को उठाने के बाद सदन में आयुष्मान योजना और जनसंख्या नीति को लेकर गंभीर चर्चा देखने को मिली।
कई विधायकों ने भी नियमों की समीक्षा की आवश्यकता पर सहमति जताई।
निष्कर्ष
विधानसभा में राजा भैया द्वारा उठाया गया यह मुद्दा आयुष्मान योजना की व्यावहारिक चुनौतियों को उजागर करता है।
अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और नियमों में क्या सुधार किए जाते हैं।
👉 सरकारी योजनाओं और विधानसभा की ताजा खबरों के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
ये भी पढ़ें: विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी का संबोधन, बोले- यूपी बना ब्रेकथ्रू स्टेट, एमएसएमई से मिला रोजगार







