Wednesday, February 18, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

दिल्ली विधानसभा विशेषाधिकार समिति ने पंजाब पुलिस को भेजा नोटिस, आतिशी के बयान पर मांगा जवाब

नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता 

दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना के सिख गुरुओं से जुड़े बयान को लेकर पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।

समिति इस मामले में विशेषाधिकार हनन की आशंका को लेकर जांच कर रही है और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जवाब मांगा गया है।

20 फरवरी तक मांगा गया जवाब

समिति ने पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और जालंधर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे 20 फरवरी 2026 तक पूरे मामले का लिखित जवाब प्रस्तुत करें।

समिति ने स्पष्ट किया है कि जवाब में सभी तथ्यों और कार्रवाई के आधारों का उल्लेख किया जाना आवश्यक है।

क्या है पूरा मामला

यह मामला उस समय सामने आया जब आतिशी मार्लेना ने सिख गुरुओं से जुड़े विषय पर सार्वजनिक बयान दिया था। इसके बाद पंजाब पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठे।

दिल्ली विधानसभा समिति ने इसे सदन की गरिमा और सदस्यों के अधिकारों से जोड़कर देखा है।

विशेषाधिकार समिति की जिम्मेदारी

विशेषाधिकार समिति का कार्य विधानसभा सदस्यों के अधिकारों, सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा करना होता है।

यदि किसी सरकारी एजेंसी द्वारा किसी जनप्रतिनिधि के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो समिति उसकी जांच करती है।

पंजाब पुलिस की भूमिका पर सवाल

समिति की प्रारंभिक समीक्षा में यह सामने आया कि पंजाब पुलिस की कार्रवाई को लेकर पर्याप्त स्पष्टीकरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया।

इसी कारण समिति ने पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और रिपोर्ट तलब की है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

नोटिस जारी होने के बाद दिल्ली और पंजाब की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विभिन्न राजनीतिक दल इस विषय पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

संवैधानिक मर्यादा पर जोर

समिति का मानना है कि किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रशासनिक कार्रवाई संविधान और कानून की सीमाओं में रहकर ही होनी चाहिए।

आगे की प्रक्रिया

अब समिति पंजाब सरकार और पुलिस अधिकारियों के जवाब का इंतजार कर रही है।

जवाब मिलने के बाद समिति आगे की कार्रवाई और सिफारिशों पर निर्णय लेगी।

निष्कर्ष

विशेषाधिकार समिति द्वारा नोटिस जारी किया जाना यह दर्शाता है कि विधानसभा अपने अधिकारों और गरिमा की रक्षा को लेकर गंभीर है।

यह मामला आने वाले समय में दिल्ली और पंजाब की राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है।

👉 राष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी खबरों के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने ई-कॉमर्स चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 152 ब्रांडेड पर्स बरामद, 3 गिरफ्तार

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img