किशनगंज | वेब वार्ता
किशनगंज जिले के डेरामारी क्षेत्र में रुस्तम अली बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के उद्घाटन से पूरे इलाके में खुशी और उत्साह का माहौल है। विद्यालय के शुभारंभ से छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।
यह विद्यालय अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, जिससे वे बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल
विद्यालय के प्रिंसिपल नौशाद आलम ने बताया कि यह संस्थान अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए एक मजबूत मंच साबित होगा।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के माध्यम से वंचित और पिछड़े वर्गों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यह विद्यालय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कक्षाएं, स्वच्छ एवं सुरक्षित छात्रावास, पौष्टिक भोजन व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और खेल-कूद की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इन सुविधाओं से छात्रों में सीखने के प्रति उत्साह बढ़ा है और वे बेहतर वातावरण में अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।
छात्रों में दिखा उत्साह और आत्मविश्वास
विद्यालय के शुभारंभ के साथ ही छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। छात्रा अर्शी आजाद और उल्फत परवीन ने बताया कि उन्हें यहां पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल और सभी सुविधाएं मिल रही हैं।
छात्र अब्दुल हसीब और मुनजीर इमाम ने कहा कि आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करने से उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने इस विद्यालय के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे जिले में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
लोगों का मानना है कि यह विद्यालय आने वाले वर्षों में क्षेत्र के लिए एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
शिक्षा से सशक्तिकरण की दिशा में कदम
यह आवासीय विद्यालय बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार की शिक्षा आधारित सशक्तिकरण नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना है।
विद्यालय के माध्यम से बच्चों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान, बल्कि नैतिक मूल्य, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की भी शिक्षा दी जाएगी।
शैक्षणिक माहौल बना उत्सव जैसा
उद्घाटन के बाद विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखा गया। छात्र-छात्राएं पूरी उमंग और उत्साह के साथ अपनी नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं।
शिक्षकों और स्टाफ द्वारा भी विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह विद्यालय आने वाले समय में किशनगंज जिले में शिक्षा का स्तर ऊंचा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
यहां से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थी समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
निष्कर्ष
डेरामारी में रुस्तम अली अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का उद्घाटन शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। यह विद्यालय न केवल बच्चों के भविष्य को संवारने का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में समानता और अवसर की भावना को भी मजबूत करेगा।
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