Wednesday, February 18, 2026
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“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से लगभग पांच लाख लोगों को मिला लाभ, सुशासन की मजबूत मिसाल

देहरादून | वेब वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से सरकार सीधे जनता के द्वार पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में आयोजित हो रहे इन शिविरों से आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना ही विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल रहा है। अब तक आयोजित शिविरों से लगभग पांच लाख लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

638 शिविरों के माध्यम से जनसेवा

राज्य सरकार द्वारा अब तक प्रदेश भर में कुल 638 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों में राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर रहे हैं।

शिविरों के माध्यम से प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान योजनाएं, स्वरोजगार सहायता और अन्य सरकारी सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंची सरकार

इस अभियान की विशेषता यह है कि यह केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पहाड़ी, सीमावर्ती और दूरस्थ इलाकों तक भी पहुंच रहा है। जहां पहले लोगों को सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई होती थी, वहां अब अधिकारी स्वयं गांवों और कस्बों में पहुंच रहे हैं।

इससे बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष लाभ मिल रहा है।

जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर

शिविरों के दौरान पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। अधिकारी योजनाओं की जानकारी देकर मौके पर ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करवा रहे हैं, जिससे लोगों को समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

यह अभियान सरकारी योजनाओं की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करने में एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताई अभियान की मंशा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का उद्देश्य जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को बिना भेदभाव के समय पर न्याय, सुविधा और सहायता मिले।

शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास

इस अभियान के चलते शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हुआ है। नागरिकों को यह अनुभव हो रहा है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है और उनका समाधान कर रही है।

इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।

भविष्य में विस्तार की योजना

राज्य सरकार भविष्य में इस अभियान को और व्यापक रूप देने की योजना बना रही है। आगामी चरणों में अधिक दिनों तक शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके साथ ही डिजिटल सेवाओं को भी शिविरों से जोड़कर प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा।

निष्कर्ष

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान उत्तराखंड में जनसेवा, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रहा है। यह कार्यक्रम जनता और सरकार के बीच सेतु बनकर राज्य के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है।

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