भोपाल | इरशान सईद
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में राजनीतिक तापमान बढ़ा रहा। प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का संकल्प पेश किए जाने पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इसे केवल प्रचार का माध्यम बताते हुए ऐसे प्रस्तावों को सदन में लाने पर आपत्ति जताई। वहीं विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने के प्रस्ताव पर विवाद
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सदन में कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है, इसलिए उसका व्यापार बंद किया जाना चाहिए और उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उन्होंने गाय की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था तथा उसके चमड़े व अन्य अवशेषों के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल प्रचार के उद्देश्य से ऐसे संकल्प नहीं लाए जाने चाहिए।
इंदौर जल प्रकरण पर कांग्रेस का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। विधायक गंदे पानी की बोतलें लेकर गांधी प्रतिमा के सामने पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
- दूषित पानी से 35 से अधिक मौतों का आरोप
- जिम्मेदार मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
- दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस के आरोप और सरकार पर सवाल
कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने कहा कि गंदे पानी से हुई मौतों की जिम्मेदारी भाजपा सरकार को लेनी चाहिए। वहीं महेश परमार ने आरोप लगाया कि इस घटना से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर खराब हुई है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने अंदर एकजुटता लानी चाहिए। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी का उल्लेख करते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
तीसरा अनुपूरक बजट पेश, 23 फरवरी को चर्चा
| विषय | विवरण |
|---|---|
| अनुपूरक बजट | तीसरा अनुपूरक बजट पेश |
| चर्चा की तिथि | 23 फरवरी |
| अन्य दस्तावेज | आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत |
निष्कर्ष
बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में धार्मिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने के प्रस्ताव से लेकर इंदौर जल प्रकरण तक सत्ता और विपक्ष आमने-सामने रहे। आगामी दिनों में अनुपूरक बजट पर होने वाली चर्चा के दौरान भी सदन में इसी तरह की राजनीतिक गरमाहट बनी रहने के संकेत हैं।








