हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आकलन करने हेतु नीति आयोग द्वारा नामित नोडल अधिकारी श्रीमती काजल सिंह, निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा मुख्य विकास अधिकारी हरदोई श्रीमती सान्या छावड़ा ने विकासखंड संडीला में विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया।
निरीक्षण का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति, सेवा उपलब्धता एवं उनके प्रभाव का समग्र मूल्यांकन करना था।
कान्हा गौशाला में 417 गौवंश सुरक्षित
निरीक्षण की शुरुआत कान्हा गौशाला से हुई, जहाँ नोडल अधिकारी ने गौवंश को गुड़ एवं केला खिलाकर पूजन किया और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
गौशाला में कुल 417 गौवंश स्वस्थ एवं सुरक्षित पाए गए। प्रबंधन द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन लगभग 6 लीटर दूध का विक्रय किया जाता है।
गौवंश संरक्षण को मजबूत बनाने हेतु सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे बछिया उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। टीम ने इसे आत्मनिर्भर मॉडल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 84 प्रकार की दवाएं उपलब्ध
ग्राम पंचायत लुमामऊ स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, औषधि उपलब्धता एवं उपचार व्यवस्था की समीक्षा की गई।
केंद्र पर 84 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध पाई गईं। CHO एवं ANM से टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, नशा मुक्ति कार्यक्रम तथा नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली गई।
टीम ने ग्रामीणों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की पुष्टि की।
पंचायत विकास कार्यों की समीक्षा
ग्राम पंचायत मवई मुसलमाना में अपनी वाटिका, अमृत सरोवर, पंचायत भवन, ओपन जिम एवं रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) का निरीक्षण किया गया।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने हेतु प्रत्येक 100 घरों पर एक सफाई कर्मी नियुक्त करने का सुझाव दिया गया।
पंचायत भवन में जन्म प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड एवं पेंशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास से आधुनिक शिक्षा
दिनांक 17 फरवरी 2026 को प्राथमिक विद्यालय मवई मुसलमाना का निरीक्षण किया गया। विद्यालय में 108 नामांकित विद्यार्थियों में से 94 उपस्थित पाए गए।
कक्षा 1 एवं 2 में ICT आधारित स्मार्ट क्लास संचालित पाई गई, जिससे बच्चों को आधुनिक तकनीक से शिक्षा प्रदान की जा रही थी।
विद्यार्थियों का अधिगम स्तर संतोषजनक पाया गया। टीम ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचाया जाए।
स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका से जुड़े कार्यों में जनभागीदारी और सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
निष्कर्ष
संडीला में किया गया यह स्थलीय सत्यापन ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समन्वित प्रयासों से ही योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा और विकास का प्रकाश हर गाँव तक फैलेगा।
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