नई दिल्ली | वेब वार्ता
दिल्ली के द्वारका इलाके की सड़कों पर बिखरा खून सिर्फ एक सड़क हादसे का निशान नहीं था, बल्कि एक मां के उन तमाम सपनों की बलि थी, जिन्हें उसने 23 वर्षों तक संजोकर रखा था। सोशल मीडिया पर रील बनाने और रफ्तार के नशे में डूबे एक नाबालिग की लापरवाही ने 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली।
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम, लापरवाही और अमीरी के घमंड की खतरनाक मिसाल बनकर सामने आया है।
I lost my son sahil Dhaneshra a 22+ year old young and most talented boy whom I raised for 23 years alone as a single mom ,was killed brutally by a scorpio N bearing no.UP57BM3057 driver is an unlicensed driver and his sister while making speed fun reels in #dwarka #delhipolice pic.twitter.com/RiAx6HkO6x
— Inna Makan (@inna_makan) February 14, 2026
अधूरा रह गया विदेश जाने का सपना
साहिल अपनी सिंगल मदर इन्ना माकन की पूरी दुनिया था। वह बीबीए की पढ़ाई कर रहा था और भविष्य में विदेश जाकर मास्टर्स करने का सपना देख रहा था। अगस्त 2026 में उसे यूनाइटेड किंगडम जाने की तैयारी करनी थी।
साहिल अपनी मां पर बोझ नहीं बनना चाहता था, इसलिए उसने खुद ही मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में एडमिशन, डॉक्यूमेंटेशन और इंश्योरेंस से जुड़ी सारी प्रक्रिया पूरी कर ली थी। आज घर की दीवारों पर उसके लिखे लक्ष्य और योजनाएं तो हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने वाला साहिल अब कभी नहीं लौटेगा।
जन्मदिन से पहले छिन गई जिंदगी
नियति का क्रूर खेल यह रहा कि साहिल की मौत उसके जन्मदिन से कुछ ही दिन पहले हो गई। जिस घर में जश्न की तैयारी होनी थी, वहां आज मातम पसरा है।
मां इन्ना माकन आज भी इस सदमे से उबर नहीं पाई हैं। उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि उनका बेटा, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद था, अब इस दुनिया में नहीं रहा।
बिना लाइसेंस, बिना डर: रईसजादे की लापरवाही
जांच में सामने आया कि हादसे के वक्त स्कॉर्पियो चला रहा लड़का महज 17 वर्ष का था। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और वह सोशल मीडिया के लिए रील बनाते हुए तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था।
स्कॉर्पियो ने पहले साहिल की बाइक को टक्कर मारी और फिर एक खड़ी कार से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए।
मां की दर्दभरी आपबीती
साहिल की मां इन्ना माकन ने बताया कि यह हादसा रैश ड्राइविंग का नतीजा है। उनके अनुसार, घटना के समय स्कॉर्पियो विपरीत लेन में चल रही थी और चालक का पूरा ध्यान रील बनाने में था।
उन्होंने कहा कि एफआईआर में शुरुआत में आरोपी की उम्र 19 साल दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में उसे नाबालिग बताया गया। आरोपी की बहन भी कार में मौजूद थी और दोनों रील शूट करने निकले थे।
इन्ना माकन ने आरोप लगाया कि टक्कर के बाद भी आरोपी ने ब्रेक नहीं लगाया, बल्कि गाड़ी को और तेज कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
जुवेनाइल बोर्ड से अंतरिम जमानत
मामले में आरोपी नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा का हवाला देते हुए 10 फरवरी को अंतरिम जमानत दे दी, जिससे पीड़ित परिवार में नाराजगी और आक्रोश है।
परिवार का कहना है कि इस तरह की रियायतें अपराधियों का मनोबल बढ़ाती हैं और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
“यह सिर्फ हादसा नहीं, अपराध है”
इन्ना माकन ने इसे “क्रिमिनल एक्ट” बताते हुए कहा कि अमीर माता-पिता अपने बच्चों को बिना जिम्मेदारी के महंगी गाड़ियां दे देते हैं, जिससे सड़क पर आम लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है।
उन्होंने मांग की कि आरोपी के साथ-साथ उसके माता-पिता पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और मां अपना बच्चा न खोए।
निष्कर्ष
साहिल की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज और सिस्टम के लिए चेतावनी है। रील, रफ्तार और पैसे के घमंड की यह संस्कृति मासूम जिंदगियां निगल रही है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
पीड़ित मां आज सिर्फ अपने बेटे के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं।
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