सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
मिशन शक्ति फेज–5.0 के अंतर्गत महिला थाना, जनपद सिद्धार्थनगर द्वारा महिला सशक्तिकरण और परिवार संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। इस अभियान के तहत आपसी मनमुटाव और पारिवारिक विवादों से जूझ रहे 07 दंपतियों एवं परिवारों को काउंसलिंग के माध्यम से समझा-बुझाकर पुनः एकजुट किया गया।
यह कार्यवाही 16 फरवरी 2026 को महिला थाना सिद्धार्थनगर में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र पर संपन्न हुई, जहां सभी पक्षों को शांतिपूर्ण वातावरण में संवाद और समाधान का अवसर प्रदान किया गया।
मिशन शक्ति केंद्र पर हुआ सफल काउंसलिंग कार्यक्रम
मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिषेक महाजन के कुशल नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण की अहम भूमिका रही।
काउंसलिंग सत्र के दौरान सभी दंपतियों और परिजनों को आपसी संवाद, समझदारी और सहनशीलता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें पारिवारिक रिश्तों की मजबूती और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
महिला थाना प्रभारी की संवेदनशील भूमिका
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीमती भाग्यवती पाण्डेय द्वारा सभी मामलों में अत्यंत संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए काउंसलिंग कराई गई। उन्होंने प्रत्येक परिवार की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कई मामलों में वर्षों से चले आ रहे विवादों के कारण परिवार टूटने की कगार पर थे, लेकिन समय रहते संवाद और समझौते से इन रिश्तों को बचाया जा सका।
काउंसलिंग टीम का रहा विशेष योगदान
इस सफल पहल में महिला थाना की काउंसलिंग टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में महिला हेड कांस्टेबल आशा गौड़, म0हे0आ0 रीना रावत, महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, म0आ0 संगीता गौतम एवं महिला आरक्षी प्रगति राय शामिल रहीं।
टीम के सदस्यों ने धैर्य, सहानुभूति और मनोवैज्ञानिक समझ के साथ सभी परिवारों को भावनात्मक सहयोग प्रदान किया, जिससे वे अपने मतभेदों को भुलाकर नए सिरे से जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित हुए।
सातों परिवारों ने लिया साथ रहने का निर्णय
काउंसलिंग प्रक्रिया के उपरांत सभी सातों परिवारों ने आपसी सहमति से पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। इस दौरान दंपतियों ने एक-दूसरे के प्रति विश्वास और सम्मान बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी परिवार खुशी-खुशी एक साथ विदा हुए, जिससे महिला थाना परिसर में सकारात्मक और भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल
महिला थाना द्वारा की गई यह पहल न केवल टूटते परिवारों को बचाने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि महिलाओं को न्याय, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की काउंसलिंग से घरेलू हिंसा, मानसिक तनाव और पारिवारिक विघटन जैसी समस्याओं को समय रहते रोका जा सकता है।
- पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान
- महिलाओं को भावनात्मक और कानूनी सहयोग
- समाज में सकारात्मक संदेश
- परिवार संरक्षण को बढ़ावा
निष्कर्ष
मिशन शक्ति फेज–5.0 के तहत महिला थाना सिद्धार्थनगर द्वारा की गई यह पहल महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक समरसता और सामाजिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि संवाद, संवेदनशीलता और सहयोग के माध्यम से जटिल पारिवारिक समस्याओं का समाधान संभव है।
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