सोशल जस्टिस निदेशक काजल सिंह ने संडीला में परखी जमीनी हकीकत, विद्यालयों व टीएचआर प्लांट का किया निरीक्षण

हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सोशल जस्टिस निदेशक एवं आईआरएस अधिकारी काजल सिंह ने सोमवार को जनपद हरदोई के दो दिवसीय भ्रमण के दौरान आकांक्षात्मक ब्लॉक संडीला में संचालित विकास योजनाओं, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता का आकलन किया।

विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता की जांच

भ्रमण के दौरान कंपोजिट विद्यालय तिलोइया पहुंचकर निदेशक काजल सिंह ने बच्चों के शैक्षिक स्तर का परीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों से संवाद कर शिक्षण पद्धतियों की जानकारी ली और पढ़ाई की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा की मजबूत नींव ही बच्चों के भविष्य को दिशा देती है, इसलिए विद्यालयों में नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार जरूरी है।

टीएचआर प्लांट और पोषण व्यवस्था का निरीक्षण

इसके बाद निदेशक ने बेगमगंज स्थित टीएचआर (टेक होम राशन) प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पोषाहार निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, भंडारण और स्वच्छता व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने प्लांट की अध्यक्ष बबली अर्कवंशी से संवाद कर साफ-सफाई, मानक अनुरूप उत्पादन और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  • पोषाहार की गुणवत्ता पर विशेष जोर
  • स्वच्छता एवं रखरखाव के निर्देश
  • मानक अनुसार उत्पादन प्रक्रिया
  • नियमित निरीक्षण की आवश्यकता

आकांक्षात्मक ब्लॉक की प्रगति की समीक्षा

समीक्षा बैठक में निदेशक काजल सिंह ने वर्ष 2023 से दिसंबर 2025 तक की प्रगति की तुलनात्मक समीक्षा की। उन्होंने नीति आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्धियों और सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की।

इस दौरान सीएचसी, एनआरसी, आंगनबाड़ी केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र तथा कृषि प्रसार केंद्र का भी निरीक्षण किया गया।

महिला सशक्तिकरण और आजीविका केंद्र का अवलोकन

निदेशक ने एचसीएल द्वारा संचालित समुदाय क्राफ्ट केंद्र का भी भ्रमण किया, जहां महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तनिर्मित उत्पादों और बैग निर्माण की प्रक्रिया को देखा।

उन्होंने महिलाओं के कौशल, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

संडीला में सोशल जस्टिस निदेशक का यह दौरा शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे।

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