हैदराबाद, वेब डेस्क | वेब वार्ता
तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरी जिले के बोम्मलारामारम मंडल स्थित जलालपुर गांव में सोमवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब जामा मस्जिद में तोड़फोड़ और पवित्र कुरान की प्रतियों की बेअदबी की घटना सामने आई। अज्ञात लोगों द्वारा मस्जिद में बीयर और शराब की बोतलें फेंकने के साथ ही धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।
आधी रात में हुई तोड़फोड़ की वारदात
जानकारी के अनुसार, 15 फरवरी की रात करीब 12 बजे कुछ अज्ञात व्यक्ति मस्जिद परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने दीवारों, खिड़कियों के शीशे, वॉशरूम के दरवाजे और माइक सिस्टम को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा कुरान की कई प्रतियां बिखरी हुई अवस्था में पाई गईं।
घटना के बाद मस्जिद परिसर में खाली बीयर और व्हिस्की की बोतलें भी बरामद की गईं, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया।
एमबीटी नेता ने जताया रोष
इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में मस्जिद के निर्माण के बाद से ही स्थानीय स्तर पर इसका विरोध होता रहा है और मस्जिद प्रशासन को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी हो चुके हैं विवाद
अमजद उल्लाह खान के अनुसार, आसपास के बंडाकडीपल्ली, थुमुकुंटा और जलालपुर गांवों में पहले भी सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोग अजान और धार्मिक गतिविधियों पर भी आपत्ति जताते रहे हैं।
- 2018 में मस्जिद का निर्माण
- धार्मिक आयोजनों पर विरोध
- अजान पर आपत्ति
- जमात के आगमन पर विवाद
- पूर्व में पुलिस हस्तक्षेप
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
बोम्मलारामारम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
| धारा | अपराध |
|---|---|
| 331(4) | घर में अवैध प्रवेश |
| 329(4) | आपराधिक अतिक्रमण |
| 298 | पूजा स्थल को नुकसान |
| 324(4) | शरारत |
| 196 | धार्मिक वैमनस्य फैलाना |
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल किसी सांप्रदायिक एंगल से इनकार करते हुए कहा कि केवल शराब की बोतलें फेंकी गई थीं और परिसर की सफाई करा दी गई है। हालांकि, मामले की गहन जांच जारी है।
निष्कर्ष
मस्जिद में हुई तोड़फोड़ और धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की यह घटना सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती है। प्रशासन के लिए आवश्यक है कि वह निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र दंडित करे, ताकि क्षेत्र में शांति और विश्वास बहाल हो सके।
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