देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय कुमार गौड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में नदी में शव मिलने के मामले ने प्रदेश में सनसनी फैला दी है। इस प्रकरण को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने देवरिया के मुड़ाडीह गांव स्थित मृतक के आवास पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सरकार से दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अपील की।
परिजनों से मिलकर जताई संवेदना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय शनिवार शाम को मृतक दरोगा अजय कुमार गौड़ के पैतृक आवास पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस दौरान मृतक के भाई एडीएम अरुण कुमार, पत्नी रंजीता और अन्य परिजनों ने घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया। परिजनों का आरोप है कि मामले में कई अहम तथ्यों की अनदेखी की जा रही है।
अजय राय ने सरकार से की निष्पक्ष जांच की मांग
मीडिया से बातचीत करते हुए अजय राय ने कहा कि एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी की इस तरह संदिग्ध मौत बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या साजिश सामने आती है, तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष करती रहेगी।
मृतक परिवार की प्रमुख मांगें
- घटना की सीबीआई या उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पारदर्शी समीक्षा हो
- परिजनों को आर्थिक सहायता एवं सरकारी नौकरी दी जाए
- दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो
मौके पर मौजूद प्रमुख कांग्रेस नेता
| क्रम | नाम | पद / पहचान |
|---|---|---|
| 1 | अखिलेश प्रताप सिंह | राष्ट्रीय प्रवक्ता |
| 2 | कमल किशोर कमांडो | पूर्व सांसद |
| 3 | सुयश मणि त्रिपाठी | पूर्व जिलाध्यक्ष |
| 4 | राघवेंद्र सिंह ‘राकेश’ | कांग्रेस नेता |
| 5 | वरुण राय | कांग्रेस कार्यकर्ता |
| 6 | संजीव कुमार मिश्रा | कांग्रेस नेता |
इसके अलावा रामजी गिरी, भरत मणि त्रिपाठी, दीनदयाल प्रसाद, जयप्रकाश धनगर, राजेश सिंह, दीनदयाल यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर उपस्थित रहे।
पुलिस विभाग में बढ़ी चिंता
दरोगा की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस विभाग में भी चिंता का माहौल है। अधिकारी वर्ग इस घटना को लेकर सतर्क है, वहीं पुलिसकर्मियों के बीच भी असुरक्षा की भावना देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो इससे पुलिस बल के मनोबल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
निष्कर्ष
बस्ती में तैनात दरोगा अजय कुमार गौड़ की संदिग्ध मौत न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि कानून व्यवस्था से जुड़े तंत्र के लिए भी गंभीर चेतावनी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा उठाई गई निष्पक्ष जांच की मांग इस मामले को नई दिशा दे सकती है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाता है।
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