सिद्धार्थनगर, संदीप पाण्डेय | वेब वार्ता
डुमरियागंज में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। भनवापुर ब्लॉक के महतिनिया खुर्द बूथ संख्या 21 के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) सुदामा यादव ने सपा नेता इंजीनियर रामफेर उर्फ अंशु यादव के विरुद्ध डुमरियागंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर में लगाए गए मुख्य आरोप
| आरोप | विवरण |
|---|---|
| सरकारी कार्य में बाधा | SIR प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप |
| मतदाता सूची में हेराफेरी | “गलत-सही नाम बढ़ाने” का दबाव |
| धमकी | जान से मारने की धमकी देने का आरोप |
| फोन कॉल | लखनऊ से बार-बार कॉल करने का दावा |
बीएलओ सुदामा यादव ने तहरीर में उल्लेख किया है कि सपा नेता ने स्वयं को “सचिवालय से बोल रहा हूं” बताते हुए दबाव बनाया और मतदाता सूची में नाम जोड़ने के संबंध में कथित तौर पर हस्तक्षेप करने की कोशिश की।
पहले सपा नेता ने दी थी तहरीर
उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व ही सपा नेता रामफेर उर्फ अंशु यादव ने भनवापुर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा और प्रधान लालजी शुक्ला पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
SIR प्रक्रिया पर पहले से विवाद
डुमरियागंज क्षेत्र में SIR (विशेष गहन संशोधन) प्रक्रिया को लेकर पहले से राजनीतिक तनाव बना हुआ है। समाजवादी पार्टी इसे “वोट कटौती” का मामला बता रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
- दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
- सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल
- राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
राजनीतिक पृष्ठभूमि
रामफेर उर्फ अंशु यादव समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और भनवापुर ब्लॉक प्रभारी हैं। वे क्षेत्र में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। वहीं बीएलओ सुदामा यादव ने आरोप लगाया है कि सरकारी प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप किया जा रहा था।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
डुमरियागंज में SIR प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है। BLO की एफआईआर से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह प्रकरण क्षेत्र की राजनीति को और गरमा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
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