कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद स्थित चर्चित मैनपुर कोटेश्वरी देवी मंदिर में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर देवी की पिंडी, चरण पादुका और हनुमान जी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना से श्रद्धालुओं में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया।
सुबह पूजा के दौरान सामने आई घटना
पुलिस के अनुसार, रोज की तरह गुरुवार सुबह श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि गर्भगृह में देवी की चरण पादुका खंडित पड़ी थी, हनुमान जी की मूर्ति बाहर फेंकी गई थी और पिंडी पर चढ़ाई गई चुनरी व फूल बिखरे पड़े थे। एक महिला गर्भगृह में ही बैठी मिली।
श्रद्धालुओं ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
श्रद्धालुओं ने महिला को पकड़कर बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम के सामने महिला ने कथित रूप से ईंट-पत्थर फेंकने का प्रयास किया, जिसके बाद लोगों की मदद से उसे काबू में किया गया।
| विवरण | जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|
| स्थान | मैनपुर कोटेश्वरी देवी मंदिर, कुशीनगर | घटनास्थल |
| आरोपी महिला | कांति देवी (35 वर्ष) | पहचान |
| निवास | मैनपुर टोला खदहीं | स्थानीय |
| घटना का स्वरूप | पिंडी व मूर्ति क्षतिग्रस्त | गंभीर |
| पुलिस कार्रवाई | परिजनों को सुपुर्द | पूर्ण |
- देवी की पिंडी और चरण पादुका को नुकसान।
- हनुमान जी की मूर्ति बाहर फेंकी गई।
- पूजन सामग्री बिखरी हुई मिली।
महिला को बताया गया अर्द्ध विक्षिप्त
पुलिस जांच में महिला की पहचान मैनपुर टोला खदहीं निवासी अच्छेलाल की पत्नी कांति देवी (35) के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि वह अर्द्ध विक्षिप्त है और गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे काफी समय से खराब हैं और प्रशासन की ओर से स्थायी सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं है। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
थानाध्यक्ष का पक्ष
कसया थानाध्यक्ष अभिनव मिश्र ने मंदिर में तोड़फोड़ की बात से आंशिक इनकार करते हुए कहा कि महिला ने केवल पूजन सामग्री को तितर-बितर किया था। उन्होंने बताया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।
निष्कर्ष
मैनपुर कोटेश्वरी देवी मंदिर में हुई यह घटना धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। प्रशासन के लिए आवश्यक है कि ऐसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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