हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान जनपद हरदोई की जर्जर सड़कों का मुद्दा सदन में गूंज उठा। स्नातक क्षेत्र से सदस्य विधान परिषद इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह ने कछौना और बेहन्दर को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति को जनहित का गंभीर विषय बताते हुए इसके शीघ्र कायाकल्प की प्रभावी मांग की।
दो दशकों से उपेक्षा का शिकार है मार्ग
सदन को संबोधित करते हुए एमएलसी ने बताया कि गौसगंज से सफियापुर होते हुए भवानी खेड़ा तक फैला लगभग आठ किलोमीटर लंबा मार्ग बीते दो दशकों से उपेक्षा का शिकार है। वर्तमान में सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह गड्ढों की श्रृंखला में तब्दील हो गई है, जिससे आवागमन अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया है।
मार्ग से जुड़े गांवों की जीवनरेखा
यह मार्ग नवादा, तिरवा, दहिगवां, गंगू खेड़ा, नंदखेड़ा और बेहसार सहित अनेक गांवों के लिए मुख्य संपर्क साधन है। इसी मार्ग से क्षेत्रवासी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े केंद्रों तक पहुंचते हैं।
मार्ग से जुड़ी प्रमुख समस्याएं
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| मार्ग की लंबाई | लगभग 8 किलोमीटर |
| अवधि | करीब 20 वर्षों से उपेक्षित |
| स्थिति | गड्ढों से भरी, जर्जर सड़क |
| प्रभाव | दुर्घटनाएं व आवागमन में बाधा |
एमएलसी ने कहा कि खराब सड़क के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, मरीजों और बुजुर्गों को प्रतिदिन गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
गौसगंज क्षेत्र में डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज और चिकित्सालय स्थित हैं, लेकिन मार्ग की दुर्दशा के कारण विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और मरीजों की समय पर चिकित्सा प्रभावित हो रही है। इससे क्षेत्र के सामाजिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
महिलाओं और एंबुलेंस के लिए बड़ी चुनौती
एमएलसी ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और एंबुलेंस सेवाओं की कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऊबड़-खाबड़ मार्ग पर यात्रा करना जीवन और मृत्यु के बीच अंतर बन सकता है। आए दिन दुर्घटनाएं और चोटिल होने की घटनाएं प्रशासनिक उपेक्षा को दर्शाती हैं।
- एंबुलेंस सेवाओं में देरी
- गर्भवती महिलाओं को परेशानी
- दुर्घटनाओं में वृद्धि
सदन में उठाई गई सशक्त मांग
इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह ने सदन में कहा कि गौसगंज से बेहसार तक मार्ग का शीघ्र जीर्णोद्धार कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसे केवल सड़क नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा, शिक्षा की निरंतरता और क्षेत्रीय विकास की आधारशिला बताया।
निष्कर्ष
विधान परिषद में उठी यह आवाज अब प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है। यदि समय रहते कछौना–बेहन्दर मार्ग का कायाकल्प किया जाता है, तो इससे हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। जनता को उम्मीद है कि सरकार इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
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