हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
जनपद में बुधवार देर रात स्वास्थ्य विभाग की 102 एंबुलेंस सेवा मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण बन गई, जब एंबुलेंस के भीतर ही एक महिला ने सुरक्षित रूप से नवजात शिशु को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों पूर्णतः स्वस्थ बताए गए हैं।
रात्रि 10:08 बजे मिली सूचना
सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम हुसियापुर निवासी मनोज ने रात लगभग 10:08 बजे 102 एंबुलेंस सेवा पर सूचना दी कि उनकी पत्नी आरती (35 वर्ष) को तीव्र प्रसव पीड़ा हो रही है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस संख्या UP-32-FG-0942 सक्रिय हुई।
17 मिनट में 12 किमी का सफर
ईएमटी रामजीवन और पायलट अरुण कुमार की टीम ने मात्र 17 मिनट में लगभग 12 किलोमीटर की दूरी तय कर 10:25 बजे मरीज के घर पहुंचकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरसा के लिए रवाना किया।
| विवरण | जानकारी | समय/स्थिति |
|---|---|---|
| सूचना प्राप्त | 102 एंबुलेंस सेवा | रात्रि 10:08 बजे |
| एंबुलेंस नंबर | UP-32-FG-0942 | सक्रिय |
| दूरी तय | लगभग 12 किमी | 17 मिनट |
| प्रसव का समय | एंबुलेंस के भीतर | रात्रि 10:50 बजे |
| अंतिम भर्ती | सीएचसी सुरसा | स्वस्थ घोषित |
- धौलिया मोड़ के पास प्रसव पीड़ा बढ़ी।
- ईएमटी ने सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर एंबुलेंस रोकी।
- महिला शिवदेवी (पत्नी श्रीपाल) ने सहयोग प्रदान किया।
एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव
हरदोई-बिलग्राम रोड स्थित धौलिया मोड़ के समीप महिला की प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईएमटी ने तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की और रात्रि 10:50 बजे एंबुलेंस के भीतर सुरक्षित प्रसव संपन्न कराया।
सीएचसी में परीक्षण, दोनों स्वस्थ
प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरसा में भर्ती कराया गया, जहां स्टाफ नर्स संगीता द्वारा परीक्षण के बाद दोनों को स्वस्थ घोषित किया गया।
परिजनों ने जताया आभार
परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा की त्वरित उपलब्धता, कर्मियों की दक्षता और सेवा भावना की सराहना की। उनका कहना है कि समय पर मिली सहायता से मां और शिशु दोनों की जान सुरक्षित रही।
निष्कर्ष
यह घटना आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और समर्पण का प्रमाण है। समयबद्ध प्रतिक्रिया और प्रशिक्षित कर्मियों की मौजूदगी ने एक संभावित जोखिम को सुरक्षित प्रसव में बदल दिया।








