हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जनपद के नगर पंचायत कछौना पतसेनी कार्यालय परिसर में अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा सुझाए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्क, सक्षम और व्यावहारिक रूप से तैयार बनाना रहा।
आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल
कार्यक्रम के अंतर्गत आपदा प्रतिक्रिया प्रशिक्षण एवं अग्निशमन अभ्यास (मॉक ड्रिल) कराया गया। इसमें कर्मचारियों को बताया गया कि संकट की घड़ी में बिना घबराए किस प्रकार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे जन-धन की हानि को रोका जा सके।
आग के प्रकार और नियंत्रण की जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में संडीला फायर सर्विस के प्रभारी भंवर सिंह एवं कांस्टेबल एस.के. गौतम ने आग की प्रकृति और उसके विभिन्न प्रकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ठोस, ज्वलनशील तरल एवं गैस से उत्पन्न आग पर नियंत्रण की तकनीकों को समझाया।
| आग का प्रकार | उदाहरण | नियंत्रण उपाय |
|---|---|---|
| ठोस पदार्थ की आग | लकड़ी, कागज | पानी, अग्निशामक यंत्र |
| तरल पदार्थ की आग | पेट्रोल, डीजल | फोम, ड्राई केमिकल |
| गैस की आग | एलपीजी सिलेंडर | गैस बंद कर गीले कपड़े का प्रयोग |
- मॉक ड्रिल के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण।
- आग के प्रकारों की विस्तृत जानकारी दी गई।
- आपात स्थिति में संयम बनाए रखने पर जोर।
गैस सिलेंडर हादसों पर विशेष मार्गदर्शन
विशेषज्ञों ने गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में घबराहट से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले गैस आपूर्ति बंद करें और गीले कपड़े या जूट की बोरी से सावधानीपूर्वक आग पर नियंत्रण करें।
अधिशासी अधिकारी ने की सराहना
नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी देवांशी दीक्षित ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संभावित आपदाओं से निपटने में अत्यंत सहायक होते हैं। उन्होंने कर्मचारियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
कर्मचारियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में फायर सर्विस कांस्टेबल एस.के. गौतम, लिपिक जे.बी. सिंह, रामजी, प्रदीप, गौरव, दिनेश, शिवम सहित नगर पंचायत का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।
निष्कर्ष
कछौना नगर पंचायत में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन और अग्निशमन सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। ऐसे आयोजनों से कर्मचारियों की दक्षता बढ़ती है और आपात परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
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