देहरादून, नेशनल वार्ता | वेब वार्ता
उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पेंशन राशि में वृद्धि को मंजूरी दी है। इस फैसले से शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों, घायल एवं जेल गए आंदोलनकारियों सहित हजारों लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
कैबिनेट से मिली पेंशन वृद्धि को मंजूरी
प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय के तहत राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार का मानना है कि यह कदम आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
विभिन्न श्रेणियों में बढ़ाई गई पेंशन राशि
नई व्यवस्था के तहत आंदोलनकारियों की श्रेणी के अनुसार पेंशन में संशोधन किया गया है, जिससे सभी वर्गों को न्यायसंगत लाभ मिल सके।
| श्रेणी | पूर्व पेंशन | नई पेंशन |
|---|---|---|
| शहीद आंदोलनकारियों के आश्रित | ₹3,000 | ₹5,500 |
| पूर्ण रूप से शय्याग्रस्त आंदोलनकारी | ₹20,000 | ₹30,000 |
| 7 दिन जेल गए/घायल आंदोलनकारी | ₹6,000 | ₹7,000 |
| अन्य श्रेणी | ₹4,500 | ₹5,500 |
- शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन में ₹2,500 की बढ़ोतरी।
- शय्याग्रस्त आंदोलनकारियों को ₹10,000 अतिरिक्त सहायता।
- अन्य श्रेणियों में भी मासिक पेंशन बढ़ाई गई।
आंदोलनकारियों के सम्मान का प्रतीक
सरकार का कहना है कि राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान देने वाले नागरिकों ने उत्तराखंड के गठन के लिए संघर्ष किया। उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। यह निर्णय उनके सम्मान, स्वाभिमान और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
लाभार्थियों में खुशी की लहर
पेंशन वृद्धि की घोषणा के बाद राज्यभर में आंदोलनकारियों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। कई संगठनों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार द्वारा पेंशन में की गई यह वृद्धि राज्य आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का स्पष्ट संकेत है। यह फैसला न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी संघर्ष और बलिदान के महत्व से जोड़ने का कार्य करेगा।
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